निरोग और स्वस्थ रहने के लिए आप अपने शरीर की गाड़ी का ड्राइवर स्वयं बने: पी.संजय

निरोग और स्वस्थ रहने के लिए आप अपने शरीर की गाड़ी का ड्राइवर स्वयं बने: पी.संजय
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मुंगेर, 20 जून (हि.स.)। विश्व योग दिवस की पूर्व संध्या पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के ज्योतिषाचार्य पी. संजय ने कहा कि निरोग जीवन जीने के लिए देश केे हर नागरिक को अपने शरीर का ड्राइवर खुद बनना होगा। उन्होंने कहा कि इलाज में इंसुलिन लेने तक आते-आते मरीज की किडनी फेल हो जाती है और वह फिर किडनी ट्रांसप्लांट या फिर मौत को गले लगाने को विवश हो जाता है ।जबकि योग विद्या, भोजन चिकित्सा, आयुर्वेद, ज्योतिष विज्ञान और प्राकृतिक चिकित्सा के संयुक्त प्रयास से मरीज स्थायी तौर पर शुगर की बीमारी से निकल सकते हैं और निकल भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि हार्ट-अटैक में केवल एलोपैथी चिकित्सा पद्धति की आपातकाल में कारगर है।परन्तु, बाद में हर्बल, होमियोपैथिक, योगा, आयुर्वेद और अन्य भारतीय पद्धति से हार्ट की बीमारी से भी स्थायी निदान पाया जा सकता है । वे आगे कहते हैं कि कोई भी चिकित्सा पद्धति 100 प्रतिशत कारगर नहीं है। हर नागरिक अपने और अपने परिवार के हर व्यक्ति को स्वस्थ रखने के लिए भारत के ऋषि-मुनियों की दी गई योग चिकित्सा, आयुर्वेद चिकित्सा, मंत्र-तंत्र-यंत्र चिकित्सा, ज्योतिषीय चिकित्सा ,प्राकृतिक चिकित्सा और आपातकाल में केवल एलोपैथिक चिकित्सा पद्धतियों से निरोग और स्वस्थ बनें और जीवन के आनन्द को उठावें।उन्होंने आगे कहा है कि जीवन एक यात्रा है। इस जीवन-यात्रा में कहां दौड़ना है, कहां बैठना है, कहां धीमा चलना है, कहां किस से मदद लेनी है, यह निर्णय आपको खुद लेना है। हिन्दुस्थान समाचार /श्रीकृष्ण

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