टीएमबीयू कुलपति ने की चार पीजी विभागों के हेड और शिक्षकों के साथ ऑनलाइन मीटिंग

टीएमबीयू कुलपति ने की चार पीजी विभागों के हेड और शिक्षकों के साथ ऑनलाइन मीटिंग
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भागलपुर, 22 मई (हि.स)। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने शनिवार को चार पीजी विभागों के अध्यक्षों और वहां के शिक्षकों के साथ वर्चुअल मीटिंग करके उनका अकादमी और रिसर्च परफॉर्मेंस को जाना। मौके पर उन्होंने पीजी विभागों की समस्याएं भी जानी। विभागाध्यक्षों ने कुलपति को अपने विभाग की समस्याएं बताई।शनिवार को स्नातकोत्तर गांधी विचार विभाग, कॉमर्स, अम्बेडकर थॉट और पीजी लॉ के हेड और शिक्षकों के साथ कुलपति ने ऑनलाइन बैठक की। पीजी गांधी विचार विभाग के हेड प्रो. विजय कुमार ने बताया कि पूर्व कुलपति व राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रेरणा से और प्रख्यात गांधीवादी चिंतक डॉ रामजी सिंह की पहल पर वर्ष 1982 में टीएमबीयू में गांधी विचार विभाग की स्थापना की गई थी। उस समय यह विभाग पूरे भारत का इकलौता और पहला विभाग था जहां गांधी विचार की पढ़ाई शुरू हुई थी। हेड ने बताया कि विभाग के पास डेढ़ एकड़ से ज्यादा जमीन है। परिसर में हरियाली है। बड़ी संख्या में वृक्ष लगे हुए हैं। लेकिन कैम्पस सुरक्षित नहीं है। हालांकि विभाग में शिक्षक पर्याप्त हैं। यहां से पास किये कई छात्र नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण हैं। पूर्ववर्ती छात्र कई क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि गांधी विचार विभाग पुराना है। राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस विभाग की ख्याति है। यह हमारे लिए गौरव और प्रतिष्ठा की बात है। मैंने खुद विभाग का निरीक्षण किया है, बेहद खूबसूरत और व्यवस्थित विभाग है। इसे और निखारें। इसमें स्कोप काफी है। एमएचआरडी की वेबसाइट पर जाकर इससे जुड़े इंटरनेशनल कॉलोबोरेशन को देखें और विभाग को भी उस स्तर पर ले जाने की पहल करें। गांधी विचार विभाग को आइडियल डिपार्टमेंट के रूप में विकसित करें। इसे एक अलग पहचान दें। कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने गांधी विचार के हेड को विभाग में एक व्यवस्थित और भव्य म्यूजियम बनाने को कहा है। इसके लिए उन्हें प्रोपोजल देने को कहा गया। कुलपति ने कहा कि गांधी विचार विभाग में म्यूजियम बनने से बाहर के पर्यटक और आंगतुक भी इसे देखने के लिए आ सकेंगे। इससे विभाग और विश्वविद्यालय की साख और अधिक बढ़ेगी। मौके पर विभाग के अन्य शिक्षकों ने भी अपनी एकेडमिक उपलब्धियां गिनाई। हिन्दुस्थान समाचार/बिजय

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