परामर्शी समिति के गठन का प्रस्ताव तैयार, आज कैबिनेट की मिल सकती है मंजूरी

परामर्शी  समिति के गठन का प्रस्ताव तैयार, आज कैबिनेट की मिल सकती है मंजूरी
the-proposal-for-the-formation-of-a-consultative-committee-is-ready-the-approval-of-the-cabinet-can-be-obtained-today

पटना, 8 जून( हि.स.)। बिहार में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्था का कार्यकाल 15 जून को खत्म हो रहा है । 16 जून से सभी पंचायत प्रतिनिधि परामर्श समिति के अध्यक्ष या सदस्य के तौर पर काम करेंगे। चुनाव होने तक सिर्फ नाम में परिवर्तन होगा। मुखिया पंचायत परामर्श समिति के अध्यक्ष होंगे और जिला पर्षद के अध्यक्ष जिला पर्षद परामर्श समिति के अध्यक्ष होंगे। बिहार में आज यानि मंगलवार को 4ः30 बजे कैबिनेट की होने वाली बैठक में पंचायती राज विभाग के इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। पंचायती राज विभाग ने परामर्शी समिति के गठन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है जिसपर आज कैबिनेट में सहमति मिलने की पूरी संभावना जतायी जा रही है। परामर्शी समिति में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जिप के सदस्य इस कमिटी के सदस्य होंगे। पंचायत और ग्राम कचहरी का अगला चुनाव होने तक यह वैकल्पिक व्यवस्था बनी रहेगी । वार्डों में गठित प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समिति भी काम करती रहेगी। मालूम हो कि बिहार में 38 जिला पर्षद, 534 पंचायत समितियां और 8386 ग्राम पंचायतें हैं। 16 जून से इन सभी पंचायती राज संस्थाओं में जनप्रतिनिधि परामर्शी समिति के अध्यक्ष या सदस्य कहे जाएंगे। हिन्दुस्थान समाचार/चंदा/विभाकर