strong-condemnation-of-benipatti-firing-this-incident-gave-birth-to-the-battle-of-supremacy
strong-condemnation-of-benipatti-firing-this-incident-gave-birth-to-the-battle-of-supremacy
बिहार

बेनीपट्टी गोलीकांड की चहुंओर तीव्र भर्त्सना, इस घटना को वर्चस्व की लड़ाई ने दिया जन्म

news

-बेनीपट्टी अनुमंडल के मोहमदपुर गांव की दर्द भरी दास्ता मधुबनी,07 अप्रैल,(हि.स)। बिहार में मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल अन्तर्गत मोहमदपुर की घटना से मिथिलांचल शोकाकुल व मर्माहत है।इस घटना की चहुंओर भर्त्सना हो रही है।"पग-पग पोखर, पान मखान सरस बोल, मुस्की मुस्कान विद्या-वैभव शांति प्रतीक" से ओतप्रोत मिथिलांचल की धरती पर जो घटना ने प्रतीक चिन्ह मछली कि विवाद के रुप में लिया उसी का यह परिणाम है मोहम्मदपुर का गोलीकांड ।गोलीकांड मामले में 16 लोगों की गिरफ्तारी से अपनी पीठ प्रशासन थपथपा रही है। बुधवार को मुख्य आरोपी प्रवीण झा सहित पांच आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस प्रशासन कुछ बताने को सामने आई है। तालाब से मछली पकड़ने से शुरु हुआ था विवाद विपक्ष तेज आपा -धापी से मामले को तुल लगाता दे रही थी। वर्चस्व की इस लड़ाई को विपक्ष जातीय रंग देकर अपनी रोटी सेंक रही थी। लेकिन यह मामले पूरी तरह से वर्चस्व की लड़ाई से ही जन्मी है। नवम्बर 2020 माह में तालाब से मछली पकड़ने के विवाद ने इस कहानी को जन्म दिया। जो होली के दिन खून की होली में तब्दील हो गयी।स्थानीय ग्रामीण के मुताबिक तालाब पर विवाद पुराना है। इस तालाब पर मछली मारने व हिस्सेदारी का मामला पूर्व से आ रहा है ।यहां वर्चस्व की लड़ाई कहना लाजमी इसलिए है कि तालाब में मछली मारने को लेकर बार-बार विवाद होता रहा है। इसी विवाद की वजह से सुरेंद्र सिंह के बड़े पुत्र संजय सिंह वर्तमान में रामपट्टी जेल में बंद हैं। जबकि ब्राह्मण पक्ष के प्रवीण झा- नवीन झा सहित अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज है। दर्ज प्राथमिकी में किसी एक ही बिरादरी के लोग नहीं है। सभी वर्ग के लोगों का नाम इसमें दिया गया है। पीड़ित परिवार के प्रति स्थानीय जनप्रतिनिधि व नेतागण संवेदना प्रकट किए हैं। यहां वर्चस्व की लड़ाई कहना ही श्रेयस्कर है। गोलीकांड में दो की मौत तत्काल हुई थी। गोलीकांड में दो लोगों की तत्काल मौत हो गई।घटनास्थल पर घायल 4 लोगों की इलाज शुरू करवाई गई। पटना तक जाते तीन लोग दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के तीन व्यक्ति की मृत्यु यहां होती है। तथा दो व्यक्ति इलाज के क्रम में दम तोड़ दिए ।गोलीकांड में आहत शिक्षक मनोज सिंह घायल होकर पटना पारस अस्पताल में जीवन मृत्यु से जूझ रहे हैं लेकिन उनकी सुधी कोई नहीं ले रहा है।राम नारायण सिंह द्वारा दर्ज मामले में प्रवीण झा, नवीन झा सहित 35 नामजद अभियुक्त एवं 12 अन्य अभियुक्त हैं। विपक्ष दे रहा मामले को तूल, बेनीपट्टी में नरसंहार की बात कहकर विरोधी दल मामले को काफी तूल दिया है।स्थानीय नेता और पूर्व विधायक भावना झा और मधुबनी के पूर्व सांसद , कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शकील अहमद लगातार वहां कैम्प कर रहे थें। गोलीकांड में पीड़ित परिवार की आन्तरिक व्यथा को दबाने की वजह उजागर करने पर लोग लगे हुए हैं।राजद के विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव मंगलवार को लगभग 30- 40 छोटी बड़ी गाड़ियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें मुआवजा के तौर पर कुछ पैसे सुपुर्द किए। मामले को काफी उतेजक बताकर सरकार को घेरने की कोशिश की है। नीतीश सरकार राजग गठबंधन के मुख्यमंत्री हैं। पिछले दिन नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के मंत्री नीरज सिंह बबलू पीड़ित परिवारों को बिरादरी के नाम पर सहानुभूति पूर्वक सांत्वना दिया है। आलोक रंजन यहां पहुंचकर लोगों को ढाढस जताया है।पूर्व मंत्री ने उचित न्याय दिलाने की बात कही। क्षेत्रीय विधायक विनोद नारायण झा ने बताया कि मेरी संवेदना पीड़ित परिवारों के साथ है। आरोपित लोगों को कठोर से कठोर दंड मिलनी चाहिए।पूर्व मंत्री विनोद नारायण ने कहा कि गोलीकांड व नृशंस हत्या की लोमहर्षक घटना क्रम शान्ति नगरी मधुबनी व मिथिलांचल के लिए एक कलंक है। गोलीकांड करने वाले आरोपी किसी भी जाति धर्म वर्ग के होंगे।उन्हे बख्शा नही जाएगा। राज्य सरकार से कठोर कार्रवाई करने की मेरी गुहार है। मृतक के पिता सुरेंद्र सिंह आहत हैं। इनके दो पुत्रों व एक पोता की मृत्यु हुई है।बूढे बाबा सुरेंद्र सरकार के बीएसएफ के जाबाज़ जवान पोता राणा प्रताप भी मारा गया है। बड़े पुत्र संजय सिंह मछली विवाद को लेकर एससी-एसटी मामले में रामपट्टी जेल में बंद है।बूढे पिता सुरेंद्र बाबू के अपने घर पर एक भी परिवार के सदस्य घर पर नहीं हैं। हिन्दुस्थान समाचार/लम्बोदर झा