मगध प्रमंडल में बालू माफियाओं के खिलाफ बनी रणनीति

मगध प्रमंडल में बालू माफियाओं के खिलाफ बनी रणनीति
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गया, 09 जून (हि.स.)। आयुक्त, मगध प्रमंडल मयंक वरवड़े की अध्यक्षता में बुधवार को बालू की चोरी रोकने, बालू माफिया पर अंकुश लगाने, सप्ताह में दो से तीन छापेमारी करने, संबंधित अंचलाधिकारी के साथ खनन पदाधिकारी समन्वय स्थापित कर बालू माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में आयुक्त ने खनन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे अपना प्रभावी नेटवर्क तैयार करें। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रमुखता के साथ अवैध बालू खनन पर अंकुश लगे। बालू की अवैध खनन रोकने की पूरी जिम्मेदारी खनन पदाधिकारी की है, इसके लिए अपने टॉप प्रायरिटी का नेटवर्क तैयार करें एवं उसे क्रियाशील रखें। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मगध प्रक्षेत्र अमित लोढ़ा द्वारा बताया गया कि संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संबंधित अंचलाधिकारी, खनन पदाधिकारी एवं थानाध्यक्ष को आपस में समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही करने की आवश्यकता है। सभी प्रशासन महकमा अवैध खनन को रोकने के लिए सहयोग करेगा। सरकार के टॉप प्रायरिटी है कि अवैध बालू खनन पर जीरो टॉलरेंस की नीति रहे। जहां भी माफिया सक्रिय पाए जाते हैं ऑन द स्पॉट उनके वाहन को जब्त करते हुए माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करें। साथ ही बालू माफिया को गिरफ्तार करने हेतु ठोस कार्रवाई करे। जिला पदाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि गया जिला अंतर्गत 95 बालू घाट हैं, इन सभी बालू घाटों पर नेटवर्क तैयार है। प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पर्याप्त संख्या में है, जहां भी छापेमारी होगी। पुलिस प्रशासन का संपूर्ण सहयोग दिया जाएगा। जिला पदाधिकारी ने बड़े-बड़े माफियाओं पर पैनी नजर बनाए रखने तथा अवैध खनन रोकने एवं माफियाओं को पकड़ने पर जोर दिया। अवैध खनन के लगातार छापेमारी करने के लिए जिला पदाधिकारी ने खनन पदाधिकारी को एक अतिरिक्त वाहन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि खनन पदाधिकारी प्रभावी कार्रवाई करें ताकि लोगों के बीच एक पॉजिटिव मैसेज जाए। जिला पदाधिकारी ने बताया कि फतेहपुर, बेलागंज कंडी नवादा इत्यादि बालू घाटों में अवैध खनन करने वाले माफियाओं के बीच डर पैदा करें तथा लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा कि बालू माफिया पर कार्रवाई लगातार की जा रही है। माफियाओं को गिरफ्तारी भी लगातार करते रहे। आयुक्त मगध प्रमंडल ने निदेश दिया कि बालू लदे ट्रैक्टरों/ बड़े वाहनों को पकड़े। छापेमारी की सूचना गोपनीयता के साथ बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जुलाई-अगस्त एवं सितंबर महीनों में बालू का उठाव बंद रहता हैं। ऐसी स्थिति में बालू माफिया अवैध खनन को अंजाम दे सकते हैं। अतः इन पर जून महीने में प्रभावी अंकुश लगाना आवश्यक है। प्रत्येक सप्ताह प्रभावी कार्रवाई करते रहें तथा संबंधित प्रतिवेदन आयुक्त तथा पुलिस महा निरीक्षक मगध क्षेत्र को समर्पित करते रहें। उन्होंने कहा कि खनन पदाधिकारी का कार्य है सिर्फ छापेमारी करना तथा माफिया के विरुद्ध कार्रवाई करना।अंचलाधिकारी माफिया के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करेंगे। वरीय पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि प्रशासन तथा पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहेगा। छापेमारी के दौरान जितना पुलिस बल की आवश्यकता होगी, उतना दिया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज कुमार