Six state boring has been lying closed for 25 years, farmers are doing irrigation by buying diesel at expensive price
Six state boring has been lying closed for 25 years, farmers are doing irrigation by buying diesel at expensive price
बिहार

छह स्टेट बोरिंग 25 वर्षो से पड़ा हुआ है बंद, मंहगी कीमत में डीजल खरीदकर किसान कर रहे है सिंचाई

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भागलपुर, 29 दिसम्बर (हि.स.)। जिले के अकबरनगर के आसपास लगभग आधा दर्जन से अधिक स्टेट बोरिंग पिछले 25 वर्षों से बंद पड़ा है। सभी पंचायत में स्टेट बोरिंग को सरकार ने पंचायत को सौंप दिया है। विभाग ने पंचायत में फंड भी भेजा है, लेकिन स्टेट बोरिंग में लगा मोटर एवं अन्य लौहयुक्त संयंत्र दुरुस्त नहीं करवाया गया। लघु सिंचाई जल संसाधन विभाग एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों की घोर लापरवाही का खामियाजा अकबरनगर सहित दर्जनों गांवों के हजारों किसान भुगत रहे हैं। किसानो ने बताया कि वर्षों से स्टेट बोरिंग में लगा लौहयुक्त संयंत्र जंग का शिकार होकर खराब पड़ा है। पंचायत में खेतों की सिंचाई करने के लिए नाला निर्माण की राशि का बंदरबांट हो गया है। किसान बिनोद यादव, मनोज तांती ने कहा कि 260 का शक्तिमान यूरिया 350 में, 1100 सौ का डी. ए. पी. 1250 और 1400 का श्रीराम गेंहूँ बीज 1500 में किसानों खरीद कर बुआई की है। 140 में होने वाला प्रति घंटा पटवन 150 से 170 रुपये में किया जा रहा है। किसान के सामने विभिन्न समस्या है लेकिन समाधान नहीं है। किसान रामनाथ एवं सुधांशु प्रसाद साह ने कहा कि गेंहूँ, मक्का और धान के बुआई में जितना लागत लगता है और श्रम उसके अनुपात में लाभ नहीं है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों का कोई भी वस्तु खरीददारी सरकार नहीं करती है। परिणाम स्वरूप लोग खेती के जमीन ईट भठ्ठा वालों को किराये पर दे रहा है। चूँकि वो सालाना 20 हजार दे देता है। वहीं रैयत 10 से 12 हजार देता है। पंचायत जनप्रतिनिधियों ने आजतक स्टेट बोरिंग संचालन के लिए किसी को बहाल नहीं किया है। किसानों ने कई बार पंचायत के मुखिया एवं विभागीय अधिकारियों को लिखित आवेदन सौंप स्टेट बोरिंग चालू करने की मांग की, लेकिन सब कुछ बेकार साबित हुआ। किसानों को महंगी कीमत में डीजल खरीदकर पंपसेट के माध्यम से खेतों की सिंचाई करना पड़ रहा है। इसको लेकर साहू भवन में जल-हल-करघा संवाद के नेतृत्व में अकबरनगर के किसानों की बैठक कर जल्द से जल्द बोरिंग चालू करने की मांग रखी गई। हिन्दुस्थान समाचार/बिजय/चंदा-hindusthansamachar.in