सचिवालय सेवा संघ ने मुख्य सचिव से लगाईं गुहार
सचिवालय सेवा संघ ने मुख्य सचिव से लगाईं गुहार
बिहार

सचिवालय सेवा संघ ने मुख्य सचिव से लगाईं गुहार

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अपने व अपने परिजनों के लिए जांच व इलाज की व्यवस्था करने की मांग अबतक बिहार सचिवालय सेवा के चार सदस्यों की कोरोना से हो चुकी है मौत पटना, 31 जुलाई (हि.स.) । बिहार सचिवालय सेवा के चार कर्मियों की कोरोना से मौत हो चुकी है। अपने चार साथियों की मौत से सचिवालय सेवा संघ के तमाम कर्मी दहशत में हैं। बिहार सचिवालय सेवा संघ ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार को पत्र लिखकर उनसे सुरक्षा की गुहार लगाई है। पत्र में कहा गया है कि कोरोनाकाल में सही जांच और समुचित इलाज के अभाव में बिहार सचिवालय सेवा के चार सदस्य-उमेश प्रसाद रजक, अजीत कुमार सिन्हा, उपेंद्र उपाध्याय और निशांत कुमार की मौत हो गई है। इन सदस्यों के निधन से सचिवालय सेवा संघ के पदाधिकारियों कर्मियों में भय का वातावरण व्याप्त है। संघ ने अपने पत्र में आगे कहा है कि सचिवालय के लगभग हर विभाग में अधिकांश कर्मी कोविड-19 के लक्षणों से ग्रसित हैं जिनकी न तो जांच की जा रही है और न ही इससे बचने के सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं। यही कारण है कि सचिवालय में कार्यरत पदाधिकारी, कर्मी कोरोना संक्रमण के वाहक बन रहे हैं। सचिवालय सेवा संघ की प्रमुख मांगेंं बिहार सचिवालय सेवा संघ यह मांग करता है कि कोरोना संक्रमण के कारण मृत सचिवालय सेवा के सदस्यों के आश्रितों को तत्काल अनुकंपा पर नौकरी दी जाए। कोरोना बीमा राशि के रूप में 50 लाख रुपये की मुआवजा राशि की भी मांग की गई है। सचिवालय के भी कर्मियों का कोरोना योद्धाओं की तरह 50 लाख का बीमा किया जाए। सचिवालय कर्मियों के आश्रितों के लिए 100 बेड के अस्थाई अस्पताल की सुविधा दी जाए। सचिवालय में कार्यरत गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रोग से ग्रसित कर्मियों के घर से ही काम की अनुमति दी जाए। सचिवालय के कार्यालयों को 33 प्रतिशत पदाधिकारी व कर्मचारियों के साथ खोलने की व्यवस्था की जाए ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन संभव हो सके। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव रंजन/विभाकर-hindusthansamachar.in