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बिहार

बाढ़ राहत राशि मे घोटाला, वार्ड सदस्य,मुखिया,सीओ और राजस्व कर्मी पर होगी कार्रवाई

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आरा, 03अप्रैल(हि.स.)।भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखण्ड और अंचल क्षेत्र में गंगा नदी से गांव और गांवों के खेत और खलिहानों को जलमग्न कर भारी तबाही मचाने वाली बाढ़ के शिकार हुए लोगो को सरकार द्वारा दिये जाने वाली राशि मे बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। बड़हरा अंचल में सरकारी स्तर पर बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली सहायता राशि की लूट पाट की परतें परत दर परत खुलने लगी है। बाढ़ राहत राशि घोटाले में अंचलाधिकारी,अंचल के कर्मचारी और अयोग्य होकर बाढ़ राहत राशि को लूटने वाले लोगो पर कानून का सिकंजा कसने लगा है।बड़हरा अंचल के सिर्फ एक पंचायत सोहरा में बाढ़ राहत राशि की लूट पाट की मिली शिकायत के बाद हुई जांच में बाढ़ राहत घोटाला सामने आ गया है।अगर शेष पंचायतो की जांच हुई तो बड़े घोटाले का पर्दाफाश हो जाएगा। बड़हरा में बाढ़ राहत घोटाले में अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी बुरी तरह फंस गए हैं। सरकार के स्तर से दोनों पर प्रपत्र क गठित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पटना के लोकायुक्त कार्यालय ने भोजपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा को बाढ़ राहत राशि को गलत तरीके से अर्जित किये गए लोगो से राहत की ली गई राशि लौटाने का निर्देश दिया है।लोकायुक्त कार्यालय के अवर सचिव ने चार महीने के भीतर यह कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यही नही बाढ़ राहत राशि घोटाले में लिप्त अधिकारियों और कर्मियों पर भी कार्रवाई के निर्देश डीएम को दिए हैं। अवर सचिव ने बाढ़ राहत घोटाले के मामले पर सुनवाई के दौरान गत दिनों यह आदेश दिया है। बता दें कि बड़हरा के सोहरा पंचायत में बाढ़ राहत घोटाले को लेकर अंचलाधिकारी ने सोहरा पंचायत के मुखिया और वार्ड संख्या 13 के वार्ड सदस्य पर कार्रवाई के लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी से पहले ही अनुशंसा कर दी है किंतु घोटाले में सीओ और राजस्व कर्मी की सीधी संलिप्तता से अब दोनों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। वर्ष 2016 में बड़हरा प्रखण्ड में भीषण बाढ़ आई थी और तब एक पंचायत को छोड़ कर बाकी सभी पंचायतो में भीषण बाढ़ की त्रासदी की भेंट लोग चढ़ गए थे। इस बाढ़ में लोगो के जान माल की भारी तबाही भी हुई थी। बाढ़ की विभीषिका से लोगो को निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने प्रति परिवार 6000 -6000 रुपये राहत के रूप में दिए थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोगो ने स्थानीय वार्ड सदस्य, मुखिया और अंचल कर्मियों की मिलीभगत से बाढ़ राहत योजना की राशि को गलत तरीके से हड़प लिया था।अवैध तरिके से अर्जित की गई बाढ़ राहत की राशि को लेकर बड़हरा प्रखण्ड के केवटिया गांव निवासी उदय सिंह ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच कराने की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद भोजपुर के जिलाधिकारी द्वारा एक जांच टीम का गठन कर बाढ़ राहत घोटाले के आरोपों की जांच कराई गई थी।जांच के बाद बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। बड़हरा में बाढ़ राहत घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी अशोक कुमार और वर्तमान सीओ ने तत्कालीन सीओ सुमित कुमार और अंचल के राजस्व कर्मचारी के खिलाफ प्रपत्र क गठित करने के लिए सदर अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और अंचलाधिकारी को पत्र लिखा है। आपदा प्रभारी अशोक कुमार ने इसकी लिखित सूचना लोकायुक्त कार्यालय के अवर सचिव को भेज दी है। सूचना मिलने के बाद अवर सचिव ने डीएम को चार महीने के भीतर अवैध तरीके से बाढ़ राहत की राशि लेने वालों से राशि वसूली करने और दोषी सीओ और राजस्व कर्मचारी पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।अवर सचिव ने अगली सुनवाई पर कार्रवाई से सम्बंधित प्रतिवेदन देने के भी निर्देश दिए हैं। सख्ती के बाद अब तक 40 में 8 लोगो ने ही लौटाई राशि सोहरा पंचायत में डीएम की सख्ती के बाद कुल 40 लोगो मे से अब तक 8 लोगो ने ही गलत तरीके से ली गई बाढ़ राहत की राशि को वापस किया है। सोहरा पंचायत में कुल 2 लाख 40 हजार रुपये गलत तरीके से लिये गए है जिन्हें लौटाना है किंतु अब तक सिर्फ 48 हजार रुपये ही लौटाए जा सके हैं। हिन्दुस्थान समाचार