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बिहार

सासामुसा चीनी मिल प्रबंधन ने गन्ना किसानों के 46 करोड़ रुपये नहीं दिए,नीलाम वाद हुआ दायर

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-सासामुसा चीनी मिल प्रबंधन ने गन्ना किसानों के 46 करोड़ रुपये नहीं दिए,नीलाम वाद हुआ दायर गोपालगंज,25 फरवरी (हि. स.)।गन्ना किसानों के 46 करोड़ रुपये बकाया रखने वाले सासामुसा चीनी मिल प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ने वाली है। जिला प्रशासन मिल प्रबंधन महमूद अली के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। बकाया भुगतान के लिए 26 फरवरी तक का डेड लाइन निर्धारित किया है। इसके बाद उन पर गिरफ्तारी वारंट भी जारी होगा। गुरुवार को जिला निलाम पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने निलाम वाद दायर कराया है। 26 तक अगर बकाया का भुगतान कर दिया जाता है तो मिल प्रबंधन को राहत मिलेगा। इसके बाद उनको जेल भी भेजा जाएगा। किसान मेहनत कर गन्ना उगाने के बाद भी उन्हें उनका पैसा नहीं मिल रहा हैं। 6 साल में मिल प्रबंधन ने बकाया रखे गए राशि से लगभग 3 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में अर्जित किया है। वहीं किसान अपनी राशि के लिए मिल में दौड़ लगाते रहे। ऐसे में भुगतान न मिलने से किसानों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। इससे गन्ना किसान भूखमरी की कगार पर हैं। चीनी मिल पर बकाया को लेकर गन्ना किसानों ने प्रशासन से शिकायत भी की हैं। जिसके अधिकारियों ने मिल प्रबंधन को बकाए का भुगतान करने का आदेश देते रहे। लेकिन मिल प्रबंधन किसी को सुनने के लिए तैयार है। किसानों के मेहनत के पैसे को भुगतान करने में आनाकानी करते आ रहा है। सूत्रों की माने तो 1990 के दसक से फैक्टरी पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। महमूद अली फैक्टरी का संचालन अपने हाथों में ले चुके थे। जबकि वर्ष 2015 से ही फैक्टरी पर आर्थिक संकट होने की बात मालिकानों की ओर से कह कर किसानों का बकाया रखा जाने लगा। उसके बाद प्रतिवर्ष किसानों का गन्ना लेकर कमाई करते थे। लेकिन समय से गन्ना के मूल्य किसानों को नहीं देता। जब किसान अपने बकाए पैसे की मांग करते तो दवंगों से मिलकर किसानों को डराने घमकाने का काम भी करता था। सासामुसा मिल परिसर पर किसानों पर जेल में बंद राजद नेता शाहबुद्दीन ने गोली भी चलाई थी। किसानों की खुन पसीने की कमाई से मिल प्रबंधन काे फायदा तो हुआ। लेकिन किसान तील तील कर मरने पर मजबूर है। जिला नीलम पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि हर हाल में मिल प्रबंधन को 26 फरवरी तक किसानों का बकाए राशि का भुगतान करना होगा। नहीं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सासामुसा चीनी मिल पर बकाये वर्षवार आंकड़ा---------- - पेराई सत्र-2014-15 का 33.34 लाख -पेराई सत्र-2015-16 का 85.26 लाख -पेराई सत्र-2016-17 में 6 लाख 20 हजार 144 रुपये -पेराई सत्र 2017-18 में 10 करोड़ 73 लाख 21 हजार 908 - पेराई सत्र 2018-19 में 42 करोड़ 21 लाख 77 हजार 468 रुपए (किसानों का भुगतान नहीं किया है,फिर भी किसानों ने गन्ना दिया) -पेराई सत्र 2018-19 में 52 करोड़ 26 लाख 82 हजार 408 रुपए का किसानों ने मिल को गन्ना दिया । हिन्दुस्थान समाचार/अखिला