बक्सर में संविदा कर्मियों की हड़ताल से सदर अस्पताल में हकलान हैं मरीज
बक्सर में संविदा कर्मियों की हड़ताल से सदर अस्पताल में हकलान हैं मरीज
बिहार

बक्सर में संविदा कर्मियों की हड़ताल से सदर अस्पताल में हकलान हैं मरीज

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बक्सर, 22 जुलाई (हि.स.)। कोरोना महामारी के इस दौर में पहले से ही बदहाल बक्सर सदर अस्पताल में संविदा पर बहाल स्वास्थ्य कर्मियों की जारी अनिश्चितकालीन हडताल के कारण स्थिति बद से बदतर हो गई है। इनके हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल का आलम यह है कि गुरुवार को हडताल के चौथे दिन भी खबर भेजे जाने तक आपरेशन थियेटर में दुर्घटना में लहुलुहान पड़े सन्नी कुमार की सुध लेने वाला कोई नहीं था। उसके परिजन बेचैन थे तो रोगी तडप रहा था। केवल आपरेशन थियेटर की ही नहीं, प्रसूति वार्ड समेत ओपीडी एवं अन्य विभागों में भी संविदा पर बहाल स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से अफरा—तफरी की स्थिति मची हुई है। संविदा पर बहाल इन्हीं कर्मियों द्वारा ही सदर अस्पताल में रोगियों के लिए भोजन बनाने से लेकर परोसने तक का काम किया जाता है, परसंविदाकर्मियों की हडताल को लेकर गुरुवार को सुबह से रोगियों को खबर भेजे जाने तक भोजन का एक निवाला नसीब नही हुआ था। इधर बीमारियो से ग्रसित लोग इलाज के लिए सदर अस्पताल तो आये हैं, पर वे दर—दर भटक रहे हैं। हडताल पर गये संविदा कर्मियों को लेकर सिविल सर्जन जितेन्द्र नाथ का कहना है कि कोरोना विपदा की इस घड़ी में हम उनसे लगातार काम पर वापस लौट आने की अपील कर रहे हैं।मानवता को लेकर हडताल के लिए यह समय उपयुक्त नहीं है। संविदाकर्मियों की इस हडताल को लेकर हडताली स्वास्थ्य कर्मी दिनेश तिवारी व महिला स्वास्थ्य कर्मी चिंतामणी का कहना है कि जबतक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तबतक हडताल जारी रहेगी। परिणाम चाहे जो भी हो। कोरोना के इस दौर में अपनी हडताल को लेकर उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर हमने पूर्व में ही सरकार समेत अस्पताल प्रशासन को सूचित किया था। यह उनकी समस्या है। उनको हमारे हडताल पर जाने से पूर्व ही वैक्ल्पिक व्यवस्था कर लेनी चाहिए थी। खबर है कि अस्पताल परिसर में हडताल को लेकर चिकित्सा कर्मियों और मरीजों के परिजनों के बीच खींचातानी भी हो रही है। अपने रोगियों को अपने सामने तडपता देख परिजन आक्रोश में हैं। विशेषकर प्रसूति रोगियों के परिजन। हडताली कर्मियों ने कहा कि हम अपनी समस्याओं को लेकर स्थानीय सांसद सह केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे को अनेक बार अवगत करा चुके हैं, पर उनकी चुप्पी और अस्पताल प्रशासन के सौतेलापन ने हमें हडताल पर जाने के लिए विवश किया है। उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि अपनी सात सूत्री मांगों को पूरा किये जाने तके हम हड़ताल जारी रखने के अपने फैसले पर अडिग हैं। हिन्दुस्थान समाचार /अजय मिश्रा /हिमांशु शेखर /विभाकर-hindusthansamachar.in