सरकार राशन ही नहीं आर्थिक मदद भी पंहुचा रही है, अपने गिरेबां में झांके राजद : मदन सहनी

सरकार राशन ही नहीं आर्थिक मदद भी पंहुचा रही है,  अपने गिरेबां में झांके राजद : मदन सहनी
सरकार राशन ही नहीं आर्थिक मदद भी पंहुचा रही है, अपने गिरेबां में झांके राजद : मदन सहनी

चारा खाकर अलकतरा पीने वाले सुशासन की बात करते हैं राजद ने 15 साल में सुशासन की जगह जंगल राज की स्थापना कर दिया था पटना, 25 जुलाई (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान सरकार राशन की जगह भाषण दे रही है, पर पलटवार करते हुए बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी ने शनिवार को कहा कि सरकार अपने बिहारवासियों को राशन तो दे ही रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मदद भी कर रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष से 1 करोड़ 42 लाख खाते में 1-1 हजार रुपये भेजे गये हैं। 1 करोड़ 68 लाख परिवारों के 8 करोड़ 71 लाख लोगो को प्रत्येक माह नियमित रूप से मिलने वाले अनाज के अलावा 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज एवं प्रत्येक परिवार को 1 किलो दाल मुफ्त दिए जा रहे हैं और ये व्यवस्था अगले नवंबर तक जारी रहेगी। तेजस्वी यादव को अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए की जब आपदा आती है तो वे कैसे बिहार से बाहर भाग जाया करते है। 1990 में इनके पिता लालू प्रसाद यादव गरीबों, शोषितों और सामाजिक न्याय के नाम पर बिहार की सत्ता पर काबिज हुए, पर उन्होंने क्या किया ये सभी को पता है। वे मवेशी का चारा ही खा गए। सड़क के लिए इस्तेमाल होने वाले अलकतरा को ही पी गए। 15 साल में सुशासन की जगह जंगल राज की स्थापना कर दिया। जिसकी लाठी उसकी भैस वाली कहावत को चरितार्थ कर दिया था, जबकि नीतीश सरकार ने सुशासन राज की स्थापना करते हुए आपदा के समय बिहार के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला हक़ है को प्रमाणित कर दिया। कोरोना काल में सभी का ख्याल रख रही नीतीश सरकार मंत्री सहनी ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी में पीएफएमएस प्रणाली से 1659.1 करोड़ रुपये डीबीटी से अंतरित किये गये। 534 प्रखंडों में कुल 13,619 हजार एकांतवास केंद्र बनाये गए। इसमें 21,53,576 लोगों को सरकारी सहायता का लाभ पहुंचाया गया है। एकांतवास केंद्रों को चलाने के लिए कुल 37 करोड़ 50 लाख रुपये आवंटित किये गये। महामारी से प्रभावित गरीब सहित अन्य जरुरतमंद लोगों के लिए 53 राहत केंद्र बनाये गए जिसमें 30.10 लाख लोगों को निःशुल्क भोजन कराया गया। बिहार के अन्य राज्यों से सटे सीमा पर 8 सीमा आपदा राहत केंद्र बनाये गये। वहां प्रवासियों के लिए सभी चिकित्सीय परिक्षण और निःशुल्क भोजन की व्यवस्था थी। अब तक 1 हजार 554 ट्रेनों से 21 लाख 76 हजार 261 प्रवासी बिहार आये है। कोरोना सहायता के तहत 1 करोड़ 42 लाख खातों में 14 अरब 16 करोड़ 70 लाख राशि भेजी जा चुकी है। बिहार से बाहर फंसे 20 लाख 45 हजार बिहारियों के खाते में 204 करोड़ 50 लाख की राशि भेजी गई है। कोरोना संकट काल में 84 लाख 78 हजार पेंशनधारियों को एक मुस्त तीन माह का अग्रिम पेंशन से रूप में 1 हजार 17 करोड़ राशि का भुगतान कर दिया गया है। बिहार से छात्र-छात्राओं के बीच 3 हजार 102 करोड़ की छात्रवृत्ति का भुगतान कर दिया गया है। बाढ़ को लेकर सरकार गंभीर, हेलिकॉप्टर से गिराई जा रही राहत सामग्री मंत्री सहनी ने कहा कि बिहार सरकार ने 2019 के बाढ़ में 33,39,263 परिवारों को पीएफएमएस प्रणाली से 2003.55 (दो हजार तीन करोड़ पचपन लाख) राशि लाभुकों के खाते में भेज दी गई। इस बार भी सरकार बिहार में आई बाढ़ को लेकर गंभीर है। एक दिन पहले शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने हेलिकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और 10 जिलों में आई बाढ़ में लोगो की सहायता के लिए 21 राहत शिविरों में 12023 लोगो को रखा गया है और 115325 लोगो को अबतक भोजन कराया गया है। सरकार ने समुदायक किचन के लिए 3.10 करोड़ एवं पशु चारा के लिए 29 लाख रुपये जारी कर दिया है। बाढ़ में प्रभावितों का आकलन किया जा रहा है और सभी बाढ़ प्रभवितों परिवारों के खाते में 6000 रुपये दिए जायेंगे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर से राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को दरभंगा जिले के कुशेश्वर स्थान में एयर लिफ्टिंग कर लोगों के बीच राहत सामग्रियों का वितरण किया गया। लोगों ने नीतीश कुमार का नाम हजरिया बाबा का दिया मंत्री मदन सहनी ने बताया की जिस तहर बाढ़ के समय बिहार के लोगो ने नीतीश कुमार को कुंटलिया बाबा कहा था उसी तरह आज कोरोना काल में लोगों के सहयोग के लिए उन्हें बिहार के लोगों ने हजरिया बाबा का नाम दिया है और राजद को राष्ट्रीय टिकट बेचवा पार्टी कहने लगे है। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/विभाकर-hindusthansamachar.in

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