NRC will not apply in Bihar at any cost: Nitish Kumar
NRC will not apply in Bihar at any cost: Nitish Kumar
बिहार

किसी भी कीमत पर बिहार में लागू नहीं देंगे एनआरसी : नीतीश कुमार

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-कहा, जदयू के साथ विधानसभा चुनाव में हुआ है धोखा -कौन दुश्मन है और कौन दोस्त, पता ही नहीं चला पटना, 09 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इशारों ही इशारों में शनिवार को भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। अपनी पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान ही उन्हें शक हो गया था कि उनके साथ गड़बड़ी कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि उन्हें पता ही नहीं चला कि कौन दोस्त है और कौन दुश्मन। किस पर भरोसा करें किस पर नहीं करें। लेकिन तबतक बहुत देर हो चुकी थी। नीतीश कुमार ने शनिवार फिर दोहराया कि वे बिहार में एनआरसी लागू नहीं होने देंगे। दरअसल, पटना के जदयू कार्यालय में शनिवार को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक चल रही है। इस बैठक में जदयू के नेताओं ने भाजपा पर ताबड़तोड़ हमला बोला था। जदयू नेताओं ने कहा कि भाजपा ने जदयू की पीठ में छूरा भोंका और इसके कारण ही पार्टी की बुरी हालत हुई। लगभग एक दर्जन जदयू नेताओं ने भाजपा पर करारा हमला बोला। इसके बाद नीतीश कुमार के भाषण की बारी आयी। नीतीश कुमार जब बोलने उठे तो उन्होंने इशारों में बड़ा हमला किया। नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के नेताओं को कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान ही उन्हें अंदाजा हो गया था कि वे धोखा खा गये हैं। जब वे विधानसभा चुनाव के प्रचार से लौटकर पार्टी दफ्तर आते थे तो उन्हें पता चलता था कि क्षेत्र में क्या हो रहा है। नीतीश बोले कि मुझे पता ही नहीं चल पाया कि कौन दुश्मन है और कौन दोस्त। मेरी सरकार ने इतना अच्छा काम किया लेकिन दुष्प्रचार और धोखे से जदयू को चुनाव हरवाया गया। नीतीश कुमार ने कहा कि एनडीए में टिकट का बंटवारा पांच महीने पहले हो जाना चाहिये था। लेकिन सारी चीजें बहुत देर से तय की गयीं। हम क्या करते और हमारे कैंडिडेट क्या कर सकते थे। उन्होंने कहा कि हमारे समर्थकों ने आंख मूंदकर वोट दिया। हमने जहां कहा, वहीं वोट दिया। शायद वे कहना चाह रहे थे कि सहयोगी पार्टी के समर्थकों ने ऐसा नहीं किया। नीतीश ने इशारों में कई बातें कही और वहां बैठे जदयू के नेता उन बातों को समझ रहे थे। नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने पहले ही भाजपा को कह दिया था कि वे बिहार में एनआरसी लागू नहीं होने देंगे। वे अब भी उस बात पर कायम हैं। अगर एनआरसी लाने की कोशिश हुई तो वे उसका विरोध करेंगे और उनके रहते बिहार में एनआरसी लागू नहीं होगा। हालांकि देश में एनआरसी पर फिलहाल कोई चर्चा नहीं हो रही है लेकिन नीतीश कुमार ने इसका जिक्र कर भाजपा को ललकार दिया है। नीतीश कुमार ने कहा कि वे राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक सरकारी कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति बनाकर अपनी पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं को जगह देना चाहते हैं। लेकिन भाजपा की ओर से नाम नहीं दिया जा रहा है। वर्ष 2015 में ही उन्होंने लालू जी की पार्टी से इस कमेटी के लिए नाम मांगा था। वर्ष 2017 में भाजपा साथ आ गयी। भाजपा की ओर से नाम ही नहीं आया, इसलिए कमेटी नहीं बन पायी। लेकिन अब वे हर हाल में इन कमेटियों का गठन करेंगे। इसमें जदयू के वफादार कार्यकर्ताओं को जगह दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जदयू के जो नेता चुनाव हार गये हैं, उन्हें घर पर नहीं बैठना चाहिये। उन्हें जनता के बीच जाना चाहिये और सरकार के काम का क्रेडिट लेना चाहिये। उनकी सरकार ने समाज के हर तबके के लिए बेहतरीन काम किया है, इसका क्रेडिट जदयू को मिलना चाहिये। जदयू के नेता क्रेडिट लेने में पीछे छूट जाते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव रंजन-hindusthansamachar.in