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बिहार

मंत्रिमंडल विस्तार के बहाने चिराग पासवान को साध सकते हैं नीतीश

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-निर्दलीय विधायक सुमित सिंह जमुई में बन सकते हैं चिराग पासवान की काट -संजय झा व पूर्व आईपीएस सुनील कुमार को मंत्रिमंडल में शामिल कर जदयू अपने एक तीर से साधेगा कई निशाना पटना, 02 फरवरी (हि.स.)।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंत्रिमंडल विस्तार की रोज हो रही चर्चाओं के बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कोटे के जिन संभावित मंत्रियों के नाम सियासी गलियारों में तैर रहे हैं, उन नामो के साथ कोई न कोई समीकरण भी जुड़ रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद जदयू में आए अन्य पार्टियों के नेताओं के नाम से जदयू के कई पुराने दिग्गजों को मुश्किल होने लगी है। खास बात यह भी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंत्रिमंडल विस्तार के बहाने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष चिराग पासवान को उनके ही गढ़ जमुई में घेरने की कोशिश कर सकते हैं। जमुई में चिराग की काट के लिए पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह के बेटे व निर्दलीय विधायक सुमित सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है। सुमित सिंह के मंत्री बनाए जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में दो तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सुमित सिंह पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह के पुत्र हैं। नीतीश कुमार की सरकार में नरेंद्र सिंह भी मंत्री रहे हैं। बीच में वह जीतनराम मांझी के साथ चले गए थे। सुमित सिंह को मंत्री बनाकर नरेंद्र सिंह को भी फिर से जदयू के साथ जोड़ना संभव हो सकता। जातिगत समीकरण के लिहाज से भी सुमित सिंह का गणित जदयू के लिए फिट बैठता है। लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान जमुई के सांसद हैं और पारंपरिक रूप से जमुई नरेंद्र सिंह का गढ़ माना जाता है। सुमित सिंह के मंत्री बनने से जदयू में सुमित की जाति से आने वाले विधायक को अपने लिए मंत्री पद तय कराने में काफी परेशानी होगी। इसका फायदा उस इलाके की एक महिला विधायक को भी मिल सकता है। बहुजन समाज पार्टी से जदयू में आए विधायक जमां खान के भी मंत्री बनने की चर्चा है। इसके पीछे यह एंगल यह है कि विधानसभा चुनाव में जदयू के टिकट पर किसी भी अल्पसंख्यक उम्मीदवार को सफलता नहीं मिली है। विधान परिषद में जदयू के कई अल्पसंख्यक विधान पार्षद हैं। जदयू ने यह बताना उचित समझा कि अल्पसंख्यकों का उसके लिए यह महत्व है कि वह बाहर से उस समाज के लोगों को लाकर मंत्री बना सकता है। नीतीश कुमार के करीबी रहे विधान पार्षद संजय झा के भी मंत्री बनने की चर्चा है। संजय झा के बहाने मिथिलांचल के ब्राह्मणों को खुश करने की कोशिश होगी। नए चेहरों में भोरे से चुनकर आए पूर्व आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार भी शामिल हैं। बाहर के लोगों के लिए यह संदेश भी देने की कोशिश होगी कि जो आएंगे उनका स्वागत होगा। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव रंजन-hindusthansamachar.in