बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाके में एनडीआरएफ की टीम ने दो बच्चों की बचायी जान
बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाके में एनडीआरएफ की टीम ने दो बच्चों की बचायी जान
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बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाके में एनडीआरएफ की टीम ने दो बच्चों की बचायी जान

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बिहटा,30 जुलाई (हि.स.)।बिहार में बाढ़ आपदा से निपटने में एनडीआरएफ की बचाव टीमें जिला प्रशासन के समन्वय से लगातार रेस्क्यू ऑपेरशन में जुटी हुई है।बिहटा स्थित 9 वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने गुरुवार को बताया कि दो अलग-अलग घटनाक्रम में एनडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू कर दो बच्चों की जान बचायी है।पहली घटना राज्य के सारण जिलान्तर्गत बाढ़ प्रभावित पानापुर प्रखण्ड का है।गत बुधवार को टीम कमान्डर शाहबाज़ आलम के नेतृत्व में बटालियन की एक टीम पानापुर प्रखण्ड में बाढ़ राहत एवं बचाव में जुटी हुई थी।बीते बुधवार की शाम लगभग 5 बजकर 20 मिनट पर कुछ ग्रामीणों ने जोर-जोर से आवाज लगाकर नजदीक इलाके में मौजूद एनडीआरएफ रेस्क्यू टीम को मदद के लिए पुकारने लगे। त्वरित कार्यवाही करते हुए जब घटनास्थल पर एनडीआरएफ के कार्मिक पहुँचे तो मालूम चला कि नजदीक के बाढ़ प्रभावित खजूरी गाँव का रहने वाला एक 10 वर्षीय लड़का अमन कुमार, पिता- मुन्ना सिंह स्नान करने के क्रम में बाढ़ के पानी में डूब रहा था। कुछ देर बाद नजर पड़ने पर वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों ने उस लड़के को पानी से निकाल लिया। लेकिन इस दौरान अधिक पानी पी लेने की वजह से पीड़ित बच्चा बेहोश हो गया था।बाढ़ग्रस्त इलाका होने की वजह से नजदीक के अस्पताल में तुरन्त पहुंचाना स्थानीय लोगों के लिए काफी मुश्किल काम था। रेस्क्यू बोट की मदद से बच्चे को उसके परिजनों के साथ पानापुर प्रखण्ड में स्थित एक अस्पताल में पहुँचाया। जानकारी के मुताबिक अमन का हालात अभी ठीक है। कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि गत रात जिला प्रशासन से प्राप्त सूचना के आधार पर पूर्वी चम्पारण जिले के मोतिहारी में तैनात एनडीआरएफ टीम के बचावकर्मियों ने सहायक उप निरीक्षक कौशल किशोर के नेतृत्व में एक सर्पदंश पीड़ित 4 वर्षीय बच्चा अदनान,पिता- शमीम कौशर को बंजारिया प्रखण्ड में स्थित बाढ़ प्रभावित गाँव जाटवा से देर रात रेस्क्यू बोट से निकालकर सुरक्षित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंजारिया पहुंचाने में मदद किया।कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बटालियन के बचावकर्मी मेडिकल फर्स्ट रेस्पांडर के रूप में प्रशिक्षित होते है, ताकि जरूरत के अनुसार आपदा के दौरान घटनास्थल पर ही पीड़ित को अस्पताल पूर्व चिकित्सा मुहैया करके बहुमुल्य जान बचाया जा सके। हिन्दुस्थान समाचार/किशोर/चंदा-hindusthansamachar.in