गया आर्युवेद मेडिकल कॉलेज की  शासी निकाय के खिलाफ एनडीए और कांग्रेस ने खोला मोर्चा
गया आर्युवेद मेडिकल कॉलेज की शासी निकाय के खिलाफ एनडीए और कांग्रेस ने खोला मोर्चा
बिहार

गया आर्युवेद मेडिकल कॉलेज की शासी निकाय के खिलाफ एनडीए और कांग्रेस ने खोला मोर्चा

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गया, 17 जुलाई (हि.स.)। गया के बहुचर्चित गया आर्युवेद मेडिकल कॉलेज पर एक निजी शासी निकाय के अवैध कब्जा के खिलाफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और कांग्रेस के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। गया आर्युवेद मेडिकल कॉलेज बचाव समिति ने जिलाधिकारी अभिषेक सिंह को आवेदन देकर अवैध शासी निकाय के पदाधिकारियों और सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है। जिलाधिकारी के स्तर पर मामला लंबित है। वहीं, राज गौतम ने विष्णुपद थाना के एसएचओ को अवैध कब्जा करने वाले शासी निकाय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। आर्युवेद मेडिकल कॉलेज बचाव समिति के संरक्षक सह जदयू के वरिष्ठ नेता डा. अरविंद कुमार सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य महेश शर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रो.विजय कुमार मिठ्ठु सहित कई अन्य ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि गया आर्युवेद मेडिकल कॉलेज के शासी निकाय के नाम पर एक निजी ट्रस्ट गठित कर कई करोड़ रुपए की संपत्ति हड़पने की साज़िश रची गई है। आवेदन में उल्लेख है कि एक रसोई गैस सिलेंडर विक्रेता और एक चिकित्सक और उनके परिजनों के नाम पर शासी निकाय गठित कर चन्द्रा हेल्थ एण्ड एजुकेशन के नाम से ट्रस्ट का डीड करा लिया गया है। आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के नाम पर केनरा बैंक में पहले से एक करोड़ बहत्तर हजार रुपये जमा हैं ।करीब साढ़े तीन एकड़ में आर्युवेद मेडिकल कॉलेज का परिसर है। इस संबंध में भाजपा नेता महेंद्र शर्मा ने बताया कि पहले सरकार आर्युवेद मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए शासी निकाय का गठन करती रही है। इसमें प्रमंडलीय आयुक्त अध्यक्ष और कई प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि शासी निकाय में मनोनीत होते थे। कांग्रेस नेता प्रो.विजय कुमार मिठ्ठु ने बताया कि इस साल राज्य सरकार ने छह फरवरी को सरकार से गठित शासी निकाय को निरस्त कर कालेज को स्वयं शासी निकाय गठित करने का निर्देश दिया। प्रो. मिठ्ठु के अनुसार सरकार के इस आदेश के नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि आर्युवेद मेडिकल कॉलेज के नाम पर बिजली विभाग का कई लाख रुपए बकाया था। चंद्रा हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के नाम पर नया बिजली मीटर लगा लिया गया। वह भी बगैर पूर्व की बकाया राशि का समायोजन किए। जदयू नेता डा. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि सरकारी आदेश के निर्गत होने के पूर्व कालेज के प्राचार्य डा.आरडी मिश्रा सेवा निवृत्त हो गए थे। उनके खिलाफ आयुक्त स्तर पर कई आरोप को लेकर जांच लंबित है। इसके साथ ही एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी बिरजू प्रसाद और एक सहायक बिनोद कुमार पांडेय को अपने साथ मिलाकर चंद्रा हेल्थ एंड एजुकेशन के सचिव डा. मनीष चन्द्रा और नवगठित शासी निकाय ने करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा करने की साज़िश की है। महेश शर्मा,डा.अरविंद कुमार सिंह और प्रो.विजय कुमार मिठ्ठु ने बताया कि आर्युवेद मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। आर्युवेद मेडिकल कॉलेज की बेशकीमती जमीन की दाखिल ख़ारिज कराने की कोशिश की जा रही है। नेताओं के अनुसार इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाया जाएगा। डा.अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने आश्वासन दिया है कि वह एक जांच कमेटी गठित कर आरोप की जांच कराने जा रहे हैं। हिंदुस्थान समाचार/ पंकज कुमार/विभाकर-hindusthansamachar.in