mamta-didi-killed-sanatani-servant-in-every-house-with-poison-of-appeasement-giriraj-singh
mamta-didi-killed-sanatani-servant-in-every-house-with-poison-of-appeasement-giriraj-singh
बिहार

ममता दीदी ने हर घर में सनातनी सेवक को तुष्टिकरण के जहर से मारा है : गिरिराज सिंह

news

बेगूसराय, 03 अप्रैल (हि.स.)। बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला करने के साथ-साथ असम में भी भाजपा की सरकार बनने का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि दीदी अपने हर घर में सनातन के सेवक को तुष्टिकरण के जहर से मारा है। भगवान राम, कृष्ण, मां दुर्गा और काली आपसे दस साल से दुखी हैं। ममता दीदी ने बता दिया है कि उनका गोत्र शांडिल्य है, मैं पहले से ही शांडिल्य था। संयोग से दीदी के पैर में भी चोट लगा है और मेरे पैर में भी चोट लगा है। मैं भी 20-25 दिन से पट्टी बांधकर चल रहा हूं लेकिन उनके पैर में ज्यादा चोट लगा होगा इसलिए व्हील चेयर पर चल रही हैं लेकिन दीदी ने गोत्र बताने में और हरे राम हरे राम कहने में देर कर दी। जितना पहले से वह कलमा पढ़ रही थी, उतने लेट से चंडी पाठ शुरू किया। अब तो बंगाल की जनता भी कहने लगी है जय श्री राम और हरे-हरे। बंगाल की जनता परिवर्तन के लिए मोदी के साथ खड़ा होकर चल रही है। दीदी का जाना उसी तरह तय हो गया जैसे सूरज का उगना और डूबना तय है। दीदी का हारना तय है, कार्यकर्ताओं को झूठा दिलासा नहीं दिलाएं। आप के लोग भाग रहे हैं, पार्टी छोड़ रहे हैं, इसलिए हार स्वीकार करके मोदी-मोदी और जय श्री राम का जाप करें। गिरिराज सिंह ने कहा कि यह मंसूबा निकाल दें कि असम में दाढ़ी-टोपी और लूंगी की सरकार बनेगी। असम में कुछ लोगों को ने कहा है कि दाढ़ी- टोपी की सरकार बनेगी। दाढ़ी-टोपी और लूंगी की सरकार का मंसूबा दिमाग से निकाल लें। नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और उन्होंने पूरे देश के लिए सबका साथ-सबका विकास कहा है, देश में जय श्री राम और हरे-हरे का नारा लग रहा है। यह सनातन की धरती है और धर्म की आड़ में असम में कोई अशांति नहीं फैला सकता है, कोई असम को तोड़ने की ख्वाहिश नहीं देखे। असम की धरती पर से घुसपैठियों का निकलना तय है, असम में अराजकता समाप्त करना है तथा देश में सनातन संस्कृति को बुलंद करते हुए, सबका साथ-सबका विकास करना है। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र/चंदा