राष्ट्रीय स्तर पर जारी है संस्कृत भाषा साहित्य के संरक्षण के प्रयास:डॉ. सदानन्द

 राष्ट्रीय स्तर पर जारी है संस्कृत भाषा साहित्य के संरक्षण के प्रयास:डॉ. सदानन्द
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मधुबनी, 20 जून (हि.स.)। जेएनबी आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, लगमा में प्रतिभा व्याख्यान वल्लरी का आयोजन रविवार को किया गया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में देश के कई नामचीन विद्वानों ने संस्कृत भाषा साहित्य की वर्तमान उपादेयता व उपयोगी दशा- दिशा पर विचार व्यक्त किया।आदर्श संस्कृत कॉलेज लगमा व जाह्नवी संस्कृत ई जर्नल के संयुक्त तत्त्वावधान में आश्रम सभागार में बृहद प्रोग्राम आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्राचार्य डा सदानन्द झा ने कहा कि संंस्कृत भाषा साहित्य के संरक्षण व संवर्धन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बहुआयामी व्यवस्था जारी है।संस्कृत भाषा साहित्य के अध्ययन से छात्र- छात्राओं को देश के विभिन्न प्रान्तों में सहज रोजगार मिल रही है।कार्यक्रम मेें वक्ताओं ने कहा कि भारतीय वाङगमय में सांस्कृतिक धरोहर की रक्षार्थ धर्म कर्म आस्था की वास्तविक निरूपण संस्कृत भाषा साहित्य से संबंधित है। पूर्व निर्धारित “दशरूपकाणि” विषय पर आमंत्रित वक्तृ केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, अगरतला की प्राध्यापिका डा मंजूषा चन्ने ने अपनी व्याख्यान प्रस्तुत की । उन्होंने नाटक की संधि, अर्थप्रकृति तथा मुख्य नाट्यंगों का विवेचन करते हुए नाटकों के 10 भेदों का भी विस्तार से वर्णन किया। साथ ही समूह में उपस्थित प्रश्नों पर भी विचार-विमर्श कर समाधान दी । कार्यक्रम में महाविद्यालय लगमा के प्राचार्य विद्यावाचस्पति डा सदानंद झा ने अतिथियों का वाचिक स्वागत किया।प्राध्यापक रूपेश कुमार झा के मंगलाचरण से कार्यक्रम शुरू की गई। हिन्दुस्थान समाचार/लम्बोदर/चंदा