व्यय धनराशि का हिसाब देने में आनाकानी कर रहे शिक्षा विभाग के जिलास्तरीय अधिकारी

व्यय धनराशि का हिसाब देने में आनाकानी कर रहे शिक्षा विभाग के जिलास्तरीय अधिकारी
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पटना, 14 अप्रैल (हि.स.)। बिहार में शिक्षा विभाग ने सरकार से आवंटित धनराशि तो खर्च कर दी लेकिन उसका हिसाब देने में जिलों के विभागीय अधिकारी आनाकानी कर रहे हैं। इतना ही नहीं इन जिम्मेदारों को सचिवालय के किसी आदेश से भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। शिक्षा विभाग पत्र भेजते भेजते थक गया है लेकिन अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। इस बाबत प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी और डीपीओ को पत्र लिखा है। पत्र में सभी लंबित उपयोगिता एसी-डीसी विपत्र को तत्काल जमा करने का आदेश दिया गया है। निदेशक ने इसकी तारीख भी तय कर दी है। पत्र में कहा गया है कि बार-बार निर्देश के बावजूद अभी भी आपके जिले में विभिन्न योजनाओं की वर्ष 2002 से व्यय की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र तथा भवन, उपस्कर, प्रयोगशाला, परिभ्रमण का एसी विपत्र पर निकासी की गई राशि का समंजन नहीं किया गया है। इन सभी योजनाओं की उपयोगिता एवं डीसी विपत्र लंबित रहने के कारण आगे की योजनाओं की राशि निकासी में भारी परेशानी हो रही है। साथ ही वित्त विभाग तथा न्यायालय द्वारा इसका अनुश्रवण किया जा रहा है। विभाग को इसके लिए नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि कोरोना काल में विद्यालय में पढ़ाई नहीं हो रही है। शिक्षकों से इस अवधि में सभी प्रकार की योजनाओं की लंबित उपयोगिता एसी-डीसी विपत्र के समायोजन को प्राथमिकता देकर पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। वित्तीय वर्ष 2002 से अद्यतन व्यय की गई एक-एक योजना की राशि की खोज कर शत-प्रतिशत उपयोगिता एवं डीसी विपत्र जमा करें। निदेशक ने इसके लिए प्रमंडल वाइज तारीख तय किया है। भागलपुर दरभंगा एवं पूर्णिया प्रमंडल के लिए 26 अप्रैल, कोसी मगध एवं पटना के लिए 27 अप्रैल और तिरहुत सारण एवं मुंगेर के लिए 28 अप्रैल की तारीख तय की गई है। हिन्दुस्थान समाचार/ गोविन्द/चंद्र