कोरोना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोली, छुपाई जा रही संक्रमितों की संख्याः डॉ. शशिकांत
कोरोना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोली, छुपाई जा रही संक्रमितों की संख्याः डॉ. शशिकांत
बिहार

कोरोना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोली, छुपाई जा रही संक्रमितों की संख्याः डॉ. शशिकांत

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पटना, 27 जुलाई (हि.स.)। आम आदमी पार्टी बिहार के मुख्य प्रवक्ता डॉ. शशिकांत ने सोमवार को कहा कि कोरोना के बढ़ते रफ़्तार ने बिहार सरकार की चिकित्सा व्यवस्था की सारी पोल खोल कर रख दी है। उन्होंने अमेरिकी शोधकर्ताओं के विचार का समर्थन किया है, जिन्होंने कहा है कि बिहार में कोरोना मरीज़ों की वास्तविक संख्या छुपाई जा रही है। प्रदेश के अधिकांश शहर हॉट स्पॉट जोन में तब्दील हो गये हैं, लेकिन जानबूझकर इनके पदाधिकारी मरीजों के बारे में सही-सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कोरोना के बढ़ते संक्रमण के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने इसके लिए डबल इंजन की सरकार को दोषी बताया है जो दोनों इंजन इस राज्य को एक-दूसरे के विपरीत दिशा में खींचना चाहती है। इसका नतीजा हुआ कि डबल इंजन की लड़ाई में इस सूबे की जनता पिसती चली जा रही है। मरीजों के साथ न तो अच्छा बर्ताव किया जा रहा है और न ही उनका सही इलाज हो रहा है। उन्होंने कहा है कि पटना एम्स में कोरोना मरीज़ ने चिकित्सा व्यवस्था से तंग आकर छत से कूदकर आत्महत्या की है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि मरीजों से परेड कराया जा रहा है। कभी पीएमसीएच से एनएमसीएच तो कभी पटना एम्स से आईजीआईएमएस उन्हें यह कहकर भेजा जा रहा है कि यहां बेड खाली नहीं है। नतीजा हो रहा है कि यहां-वहां दौड़ने के दौरान रास्ते में ही मरीज दम तोड़ दे रहा है, जो चिंता की बात है। और तो और बिहार के मुख्यमंत्री की बात न तो पदाधिकारी मानने को तैयार हैं और ना ही डॉक्टर। मरीजों की न तो सुरक्षा हो रही है और न उनकी सही देखभाल। बीते दिनों आरा हॉस्पिटल से सैंकड़ो मरीजों के भागने की घटना को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया । महासंकट में हॉस्पिटल का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लें सीएमः मृणाल प्रदेश मीडिया को-ऑर्डिनेटर मृणाल कुमार राज ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध किया है कि कंकड़बाग स्थित जयप्रभा अस्पताल की भूमि आपने मेदांता अस्पताल को दी है। इसलिए उस मेदांता अस्पताल को कोरोना मरीजों के लिए समर्पित करें। साथ ही कोरोना जैसे महासंकट में प्रत्येक हॉस्पिटल का भ्रमण करें और असलियत का पता करें। अगर ऐसा करने में आप असमर्थ हैं तो नैतिक स्तर पर मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दें। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/विभाकर-hindusthansamachar.in