बायसी की तरन्नुम अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के तौर पर बीपीएससी में चयनित

बायसी की तरन्नुम अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के तौर पर बीपीएससी में चयनित
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पूर्णिया 7 जून(हि.स.)। पूर्णिया के सुदूर ग्रामीण इलाके की छात्रा तरन्नुम 64वीं बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के तौर पर चयनित हुई है। तरन्नुम ऐसे समाज से आती है जहां लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा पाना लोहे के चने चबाने के समान है। पूर्णिया के बायसी अनुमंडल के मलहरिया पंचायत की रहने वाली तरन्नुम किसान मसूद आलम की बेटी है जो अपने तीसरे प्रयास में जिला कल्याण पदाधिकारी के पद पर बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित हुई है। तरन्नुम सात भाई बहनों ने दूसरे स्थान पर है।तरन्नुम की प्रारंभिक शिक्षा पूर्णिया में हुई और उच्च शिक्षा पटना में जहां नेट की परीक्षा में भी उसने बाजी मारी। तरन्नुम कहती है कि पूरी निष्ठा के साथ अगर पढ़ाई की जाये तो सफलता जरूर मिलेगी।तरन्नुम के पिता मसूद आलम की माने तो मुस्लीम समाज के कुलहैय्या विरादरी की शायद तरन्नुम पहली लड़की है जिसने बड़ी कामयाबी हासिल की है।इस समाज मे लड़कियां उच्च शिक्षा अमूमन नही प्राप्त कर पाती है ।छह बहन और एक भाई में तरन्नुम दूसरे स्थान पर है और सभी भाई बहन तैयारी कर रहे है। तरन्नुम की सबसे छोटी बहन ने बताया कि दीदी की इस सफलता ने न सिर्फ समाज का मिथक तोड़ा है बल्कि उन्हें भी आगे बढ़ने का हौसला मिला है । बहन और भाई कहते हैं हौसला बुलन्द हो तो समाज की बंदिशे टूट जाती है और कामयाबी कदम चूमती है। हिन्दुस्थान सामाचार /नन्दकिशोर