बाबासाहेब की देश के प्रति आत्मिक समर्पण आज भी प्रासंगिक:डीएम

बाबासाहेब की देश के प्रति आत्मिक समर्पण आज भी प्रासंगिक:डीएम
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मधुबनी,14 अप्रैल (हि.स.)। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण चौपाल पर बुधवार को देश रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 130वी जयंती मनायी गयी।मुख्यालय में डीएम अमित कुमार की अध्यक्षता में टाउन हॉल स्थित बाबा साहेब के स्थापित मूर्ति पर माल्यार्पण क़िया। इस अवसर पर मंत्री पीएचईडी रामप्रीत पासवान,पुलिस अधीक्षक डॉ सत्य प्रकाश,अपर समाहर्ता,उप विकास आयुक्त,डीपीआरओ, कोषागार पदाधिकारी व अन्य लोगों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम में विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम को संबोधित करते डीएम ने कहा कि समाजिक समरसता व देश की एकता अखण्डता के द्योतक बाबा साहेब अम्बेडकर के व्यक्तित्व व कृतित्व अनुकरणीय है।बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर रचित संविधान ही देश की एकता ,अखंडता व बंधुत्व की उपादेयता है ।बाबा साहेब को युग पुरुष की संज्ञा देते डीएम ने कहा कि आज भावी पीढ़ी व देश की जनता उनका ऋणी है। डीएम अमित कुमार ने बाबासाहेब के संंविधान की प्रस्तावना " हम भारत के लोग, भारत को सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने" की वृहत चर्चा की। अवसर पर एसपी डॉ सत्य प्रकाश कहा कि सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने बाबासाहेब अम्बेडकर की अहम भूमिका रही।एसपी ने बाबासाहेब की देश व आमजनता के प्रति अप्रतिम भावनात्मक लगाव की सराहना किया।एसपी ने विधि व्यवस्था के संधारण में बाबासाहेब द्वारा रचित संविधान को उनकी बुद्धिमत्ता एवं दूरदर्शिता का प्रतीक बताया। पीएचईडी मंत्री रामप्रीत पासवान द्वारा बाबासाहेब को समाज के सभी वर्गो के उत्थान के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए मसीहा शब्द की संज्ञा दी गई। हिन्दुस्थान समाचार/लम्बोदर