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बिहार

स्वस्थ एवं सुखी जीवन के लिए आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति लाभकारी:उपमुख्यमंत्री

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आयुर्वेद की प्रतिष्ठा के लिए सरकार के स्तर से हरसंभव प्रयास किया जाएगा पटना, 10 फरवरी (हि.स.)।विश्व आयुर्वेद परिषद् की बिहार इकाई पटना के कदमकुआं में आयोजित अभिनंदन समारोह मे अपने संबोधन के दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति विश्व की सबसे पुरानी और समग्र शारीरिक चिकित्सा पद्धतियों में से एक है। भारत में यह पद्धति अत्यंत प्राचीन रही है। उन्होंने कहा कि बदलते जीवन शैली में इंसान को जल्दी राहत दिलाने के लिए अलग-अलग और सहज पद्धतियां लोगों द्वारा अपनाई जा रही हैं, लेकिन असाध्य बीमारियों को जड़ से मिटाने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति अधिक कारगर है। डिप्टी सीएम तारकिशोर ने कहा कि आयुर्वेद प्राकृतिक एवं समग्र स्वास्थ्य की पुरातन भारतीय पद्धति है। इस चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत मानव जीवन को स्वस्थ एवं सुखी बनाने के लिए उनको संतुलित रखने की महत्ता को प्रतिपादित किया गया है। आप सभी सहमत होंगे कि आयुर्वेद सम्मत समग्र जीवन शैली के प्रचार प्रसार से आधुनिक जीवन शैली के परिणाम स्वरूप होने वाली घातक बीमारियों से बचा जा सकता है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति स्वस्थ एवं सुखी मानव जीवन के लिए अधिक लाभकारी है। तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि विश्व आयुर्वेद परिषद् भारत के इस पुरातन चिकित्सा पद्धति के सिद्धांत एवं व्यवहार को अपने देश में प्रतिस्थापित एवं पुर्नप्रतिष्ठित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विश्व आयुर्वेद परिषद् द्वारा आयुर्वेद के सिद्धांतों और सरलता से उपलब्ध वनस्पतियों की गुणवत्ता से जन सामान्य को परिचित कराने जैसे अन्यान्य उद्देश्यों के प्रति काफी सजगता एवं निष्ठा के साथ काम किया रहा है। डिप्टी सीएम ने अभिनंदन समारोह के आयोजकों एवं परिषद् के सभी सक्रिय सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्व आयुर्वेद परिषद् अपने उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में सफल होगा। उन्होंने कहा कि आज के इस कार्यक्रम के माध्यम से आयुर्वेद की पुन:प्रतिष्ठा के लिए परिषद् द्वारा कुछ प्रस्ताव रखे गए हैं, जिनमें आयुर्वेद को राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति घोषित करने, केंद्रीय एवं प्रांतीय सेवा में अवसरों की सामान उपलब्धता, स्वतंत्र आयुर्वेद मंत्रालय एवं विश्वविद्यालय की स्थापना, आयुर्वेद शिक्षा को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से जोड़ने सहित अन्यान्य प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार के स्तर से आयुर्वेद की पुनः प्रतिष्ठा हेतु हर संभव प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने भी आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं मानव जीवन के लिए इसकी महत्ता एवं आवश्यकता पर अपने विचार रखे। उल्लेखनीय है कि विश्व आयुर्वेद परिषद् की बिहार इकाई द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। हिन्दुस्थान समाचार/गोविन्द-hindusthansamachar.in