बिहार में 16 अगस्त तक के लिए बढ़ाया गया लाकडाउन
बिहार में 16 अगस्त तक के लिए बढ़ाया गया लाकडाउन
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बिहार में 16 अगस्त तक के लिए बढ़ाया गया लाकडाउन

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कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण लिया गया फैसला 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ सरकारी व निजी दफ्तरों को खोलने की अनुमति पटना, 29 जुलाई (हि.स.) । बिहार में कोरोना संक्रमण की रोज बढ़ती रफ्तार को देखते हुए बिहार सरकार ने राज्य में जारी लॉकडाउन एक अगस्त से 16 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। सरकार ने बुधवार को यह कदम राज्य में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उठाया है। इस दौरान जारी लॉकडाउन के सभी प्रावधान लागू रहेंगे। कंटेनमेंट जोन में सख्ती पहले की तरह ही जारी रहेगी। जहां तक स्कूल-कॉलेज खुलने की बात है, यह फिलहाल संभव नहीं दिख रहा है। सरकार ने कोरोना के संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए लॉकडाउन की अवधि बढ़ा दी है। इस मामले को लेकर राज्य सरकार के आला अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव दीपक कुमार की आज हुई बैठक में गहन समीक्षा के बाद इसका फैसला लिया गया है। लॉकडाउन की अवधि एक अगस्त से बढ़ाकर अगले 16 दिन के लिए प्रभावी कर दिया गया है। कहा गया कि बिहार में लाक डॉन की अवधि पहली अगस्त से अगले 16 दिन के लिए पूरे राज्य में बढ़ाई जा रही है। यह लॉकडाउन पूर्व की तरह ही होगा, लेकिन इसमें कुछ रियायतेंं दी गई हैं। सरकारी दफ्तरों को 50 फीसद कर्मचारियों के साथ खोलने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही निजी क्षेत्र के कार्यालय को भी 50 फ़ीसदी कर्मचारियों के साथ खोलने का आदेश दिया गया है। लॉकडाउन में जिन चीजों को पूरी तरह से बंद रखने के आदेश दिए गए हैं उसमें सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। सभी धार्मिक स्थलों को भी बंद रखने का आदेश है। सभी प्रकार के राजनीतिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी रोक होगी।जबकि कुछ वक्त के लिए सार्वजनिक पार्कों को खोलने की अनुमति दी गई है। राज्य भर में बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज स्कूल-कॉलेज सहित तमाम शिक्षण संस्थान भी फिलहाल बंद ही रहेंगे। अगस्त में शिक्षण संस्थान खोलने की कोई योजना नहीं है। यूजीसी की नई गाइडलाइन के अनुसार विश्वविद्यालयों को सितंबर तक अपनी फाइनल ईयर की परीक्षाएं करा लेनी है। कुछ परीक्षाएं ऑनलाइन तो कुछ ऑफलाइन कराई जाएंगी। इस बाबत क्या फैसला होता है, यह देखना अभी बाकी है। शिक्षण संस्थान के बारे में जहां तक बिहार की बात है, राज्य के शिक्षा मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि शिक्षण संस्थानों को खोलने का फैसला अभिभावकों की आम राय के अनुसार किया जाएगा। बिहार में अभिभावक कोरोना संक्रमण के बिगड़े हालात को देखते हुए बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। हिंदुस्थान समाचार/राजीव रंजन/विभाकर-hindusthansamachar.in