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बिहार

सीओ व कर्मचारियों की लाल फीता शाही की भेंट चढ़ गए किसानों के दाखिल खारिज के आवेदन

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आरा,03 अप्रैल(हि.स.)।जिले में प्रशासन की लापरवाही और अंचलाधिकारियों की लालफीताशाही के कारण किसानों के दाखिल खारिज के हजारों मामले लंबित पड़ गए हैं। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और अंचलो के अंचलाधिकारियों की मनमानी और तानाशाही से जिले में अभी दाखिल खारिज के 32,947 मामले लंबित हैं। बिहार सरकार के राजस्व विभाग की साइट पर मौजूद इन लंबित आंकड़ो की सूची के बावजूद जिला स्तर पर होने वाली समीक्षात्मक बैठकों में सीओ पर किसी तरह का शिकंजा नही कसे जाने से सीओ की मनमानी जारी है और दाखिल खारिज के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अंचलाधिकारियों द्वारा किसानों के दाखिल खारिज को पूरा नही किये जाने से जिले के किसानों को एलपीसी और रजिस्टर दो में जमाबंदी कराने को ले अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाते लगाते पसीने छूट रहे हैं। भोजपुर जिले के कुल 14 अंचलो में 98,958 दाखिल खारिज का मामला ऑनलाइन निबंधित है।इसमें से अभी तक 66011 मामले ही निष्पादित किये गए हैं। दाखिल खारिज के मामलों में किसानों के ऑनलाइन आवेदन अंचल कार्यालय के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।यही वजह है कि किसानों की जमीन खरीददार द्वारा दाखिल खारिज को लेकर ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद भी दाखिल खारिज की प्रक्रिया कर्मचारियों और अंचलाधिकारियों की लाल फीताशाही की भेंट चढ़ कर रह गई है। भोजपुर के जिलाधिकारी को चाहिए कि जिला स्तर पर होने वाली समीक्षात्मक बैठक में अंचकाधिकारियों पर नकेल कसते हुए कार्रवाई करें तो दाखिल खारिज के मामलों में काफी हद तक सुधार हो सकेगा। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र