90 करोड़ रुपेया बाढ़ पीड़ित के मदद ला आईल रहे, लेकिन होईल रहे फर्जीवाड़ाः नीरज
90 करोड़ रुपेया बाढ़ पीड़ित के मदद ला आईल रहे, लेकिन होईल रहे फर्जीवाड़ाः नीरज
बिहार

90 करोड़ रुपेया बाढ़ पीड़ित के मदद ला आईल रहे, लेकिन होईल रहे फर्जीवाड़ाः नीरज

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पटना, 17 जुलाई (हि.स.)। बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने सत्तर घाट पुल के मामले पर प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और उनके सजायाफ्ता पिता लालू प्रसाद यादव पर करारा पलटवार किया। शुक्रवार को मंत्री नीरज ने ट्वीट कर कहा, याद बा न लालू जी, सीएजी के रिपोर्ट 1996-97, 1997-98 और 1998-99 में राज्य के 11 जिला में बाढ़ आईल रहे। 90 करोड़ रुपेया बाढ़ पीड़ित के मदद ला आईल रहे लेकिन होईल रहे फर्जीवाड़ा। बिहार के 15 अइसन जिला रहे जहवां बाढ़ ना आईल रहे. ओहिजे पईसा के बंदरबांट भईल बा। रउआ द्वारा कईल गईल घोटाला याद बा न, कि याद नईखे त बताईं, जेल और पुत्र के तनाव में भूल गईल होखब, होइल बा बाढ़ राहत घोटाला। कतना लोग के जान गईल बा, याद बा न, की खाली संपत्तिये याद बा। जेल में पुरनका पाप याद करीं, भगवान के ऊपरे जा के जवाब देवे के बा तेजस्वी अपने पिता से पूछें कि उन्होंने कहां जगह बनाई है मंत्री नीरज ने कहा कि तेजस्वी प्रसाद यादव प्रवचन दे रहे हैं। उन्हें बताना चाहिए कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो कोविड-19 के संक्रमण से लड़ने के लिए पिछड़े राज्य होने के बावजूद 8 हजार 538 करोड़ रुपए खर्च कर बिहार के आम लोगों के दिलों में जगह बनाई है, लेकिन उनके पिता ने कहां जगह बनाई है। तेजस्वी को अपने सजायाफ्ता पिताजी से पूछ लेना चाहिए कि तीन साल की सीएजी की रिपोर्ट में क्या है। 1996-97,1997-98, 1998-99 में केंद्र सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए 90 करोड़ की राशि दी थी, वह भी बाढ़ राहत घोटाला के रूप में फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ गयी। अगर याद नहीं है तो वे अपने पिता से ये भी पूछ लें कि बाढ़ कहीं आयी थी और राशि कहीं और खर्च कर दी गई थी। यही कूसंस्कार आपका था।। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/विभाकर-hindusthansamachar.in