बिहार बोर्ड मैट्रिक की परीक्षा में 78.17 प्रतिशत परिक्षार्थी उत्तीर्ण, पूजा-शुभदर्शनी और संदीप टॉपर

बिहार बोर्ड मैट्रिक की परीक्षा में 78.17 प्रतिशत परिक्षार्थी उत्तीर्ण, पूजा-शुभदर्शनी और संदीप टॉपर
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पटना, 05 अप्रैल (हि.स.)।बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने सोमवार को दोपहर मैट्रिक की परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। परीक्षा में 78.17 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। जमुई की पूजा, शुभदर्शिनी और रोहतास के संदीप टॉपर हुए हैं। टॉप 10 में सिमुलतला के 13 छात्र हैं। शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने रिजल्ट की घोषणा करते हुए कहा कि 101 छात्रों ने टॉप 10 में स्थान बनाया है। पूरे देश में बिहार बोर्ड ने सबसे पहले रिजल्ट दिया है। इस बार स्टूडेंट की तस्वीर और बार कोड के साथ कॉपी दी गई थी। 40 दिन के भीतर ही बोर्ड ने रिजल्ट देकर नया इतिहास रच दिया है। मैट्रिक की परीक्षा के लिए प्रदेश में 1,525 केंद्र बनाए गए थे, जहां 17 से 24 फरवरी तक परीक्षा हुई थी। इंटरमीडिएट की तरह मैट्रिक परीक्षा में भी परिणाम घोषित करने में हर स्तर से तेजी दिखाई गई। बिहार बोर्ड ने मैट्रिक परीक्षा 2020 का रिजल्ट 26 मई 2020 को जारी किया था। कोरोना के कारण 2020 में कॉपियों के मूल्यांकन में काफी समस्या हुई थी। संक्रमण के कारण ही रिजल्ट जारी करने में बोर्ड को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। 2020 में बिहार मैट्रिक परीक्षा में 80.59 प्रतिशत परिक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थें। इसमें 96.20 प्रतिशत अंक के साथ हिमांशु राज ने पहला स्थान हासिल किया था। वर्ष 2021 में फर्स्ट डिविजन से 413087 विद्यार्थी, सेकेंड डिविजन से 500615 और थर्ड डिविजन से 378980 पास हुए हैं। सिमुलतला आवासीय विद्यालय की पूजा कुमारी और शुभदर्शिनी और बलदेव हाईस्कूल दिनारा, रोहतास के संदीप कुमार ने संयुक्त रूप से 484 अंक के (96.80 प्रतिशत) साथ टॉप किया है। टॉप 10 स्टूडेंट्स में 101 छात्र शामिल हैं। जबकि 2020 में टॉप 10 में 41 छात्र शामिल थे। इस वर्ष टॉपर्स की फैक्ट्री कहे जाने वाले स्कूल सिमुलतला का रिजल्ट शानदार रहा है। सिमुलतला के 13 छात्र टॉप 10 में शामिल है। पिछले साल के मुकाबले रिजल्ट में गिरावट आई है।इस वर्ष 78 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। जबकि पिछले वर्ष (2020) कुल 80.59 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए थे। 16,84,466 परीक्षार्थियों ने भरा था परीक्षा फॉर्म, 8,37,803 छात्राएं हुई थीं शामिल और 8,46,663 छात्रों ने मैट्रिक के लिए भरा था फॉर्म। हिन्दुस्थान समाचार/गोविन्द