विप्लवी पुस्तकालय में 'क्यों' ने दिखाया गरीबों की पीड़ा

विप्लवी पुस्तकालय में 'क्यों' ने दिखाया गरीबों की पीड़ा
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बेगूसराय, 24 मार्च (हि.स.)। सांस्कृतिक संस्था नटकिया आर्ट एंड कल्चरल सोसायटी की ओर से बुधवार की दोपहर विप्लवी पुस्तकालय गोदरगावां के देवी वैदेही सभागार में नाटक 'क्यों' कि प्रस्तुति की गई। नाटक में कलाकारों ने अपने अभिनय से गरीब, मजदूर और हासिए पर खड़े निम्न वर्गों के लोगो की व्यथा को दिखाया। कलाकारों ने अपने आंगिक और वाचिक अभिनय के बल पर दर्शकों को शुरू से अंत तक जोड़ कर रखा। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली के द्वितीय वर्ष के छात्र आलोक रंजन के नाट्यलेख, परिकल्पना और निर्देशन में आयोजित नाटक ने दर्शकों पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ी। नाटक गरीब, मजदूर और हाशिए पर खड़े निम्न वर्गों के संघष, उनकी पीड़ा तड़प और व्यथा से हुई मौत को दर्शाती है। इसके अलावे सिस्टम की कुव्यवस्था और उसकी असंवेदनशीलता पर कलाकरों ने खुब प्रहार किया। अलोक रंजन के निर्देशन में 'क्यों' कि यह तीसरी प्रस्तुती थी। नाटक में हरेक पात्र को कलाकारों ने बेहतर ढंग से निभाया और अपने सजीव प्रदर्शन के बल पर दर्शकों की ना सिर्फ आंखों को नम किया, बल्कि लोगों के आक्रोश को भी जगाया। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र/चंदा

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