हमेशा से ही सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रही है यह धरती : डीआईजी
हमेशा से ही सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रही है यह धरती : डीआईजी
बिहार

हमेशा से ही सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रही है यह धरती : डीआईजी

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बेगूसराय, 22 नवम्बर (हि.स.)।रामदीरी का रामनगर शनिवार को हरिशंकर परसाई लिखित नाटकों के संकलन जर्नी विद परसाई के मंचन से झूम उठा। आस्था वेलफेयर सोसाइटी के नवीनतम नाट्य प्रस्तुति जर्नी विद परसाई का उद्घाटन अयोध्या (उत्तर प्रदेश) के डीआईजी और स्थानीय निवासी दीपक कुमार, नवनिर्वाचित विधान पार्षद सर्वेश कुमार एवं जिला पार्षद झुन्ना प्रसाद सिंह समेत अन्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर डीआईजी दीपक कुमार ने कहा कि रामदिरी ही नहीं, समूचे बेगूसराय की धरती हमेशा से ही सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रही है। यहां के रंगकर्म ने देश-प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। हमेशा से हर तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए हम समर्पित हैं। इस गतिविधि को वैश्विक महामारी कोरोना काल में इस तरीके से प्रस्तुति को संभव बनाना जटिल है। लेकिन तमाम औपचारिकता निभाते हुए आस्था वेलफेयर सोसाइटी ने अपने समाज को जागरूक किया। जर्नी विद परसाई के लिए हरिशंकर परसाई द्वारा लिखित नाटकों का संकलन राम कुमार ने किया। नाट्य प्रस्तुति में कलाकार अपनी छवि को दर्शकों के बीच बनाने में काफी सफल दिखे। नए कलाकारों को लेकर इस प्रस्तुति की परिकल्पना एवं मार्गदर्शन रवि रंजन कुमार (पंकज गौतम) का था। निर्देशक प्रिंस कुमार एवं सह निर्देशक राहुल कुमार ने प्रथम बार अपने आप को रंगमंच में साबित किया।कलाकारों में अभिषेक कुमार, निशांत कुमार, संजीव कुमार एवं राहुल कुमार निखरकर सामने आए। साथ ही मुरारी कुमार (बाबा), प्रिंस छोटे (सीता), अमित कुमार (ग्रामीण बालक), अविनाश कुमार (पति) आदि ने प्रस्तुति में अपनी अमिट छाप छोड़ी। नाट्य प्रदर्शन को देखकर ऐसा नहीं लगा कि सभी कलाकार पहली बार अभिनय कर रहे है। कार्यक्रम का स्वागत गान काजल एवं शिवानी, मेकअप मनोज कुमार, पार्श्व संगीत केशव सुशील तथा वादन माधव का था। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र-hindusthansamachar.in