स्वामी संतसेवी जी महाराज की 100वी जयंती पर समाज मे अध्यात्म ज्ञान फैलाने का संकल्प
स्वामी संतसेवी जी महाराज की 100वी जयंती पर समाज मे अध्यात्म ज्ञान फैलाने का संकल्प
बिहार

स्वामी संतसेवी जी महाराज की 100वी जयंती पर समाज मे अध्यात्म ज्ञान फैलाने का संकल्प

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नवादा,20 दिसम्बर (हि.स.)। संतमत के प्रणेता 108 श्री महर्षि मेंही जी महाराज के पट शिष्य रहे ब्रह्मलीन स्वामी संतसेवी जी महाराज की 100 वीं जयंती के अवसर पर रविवार को नवादा के महर्षि मेंही सत्संग आश्रम में भव्य प्रवचन समारोह का आयोजन कर संतमत के उपदेशों को जन - जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया । मौके पर स्वामी राजेंद्र बाबा ,उमा पंडित, के के वर्मा ,कुलदीप प्रसाद ,डॉ साकेत बिहारी , पुरुषोत्तम कुमार आदि सत्संगी ने संतमत के प्रवचन में हिस्सा लेते हुए विश्व कल्याण के लिए संतमत के ज्ञान को जन-जन तक फैलाने का संकल्प लिया।संतसेवी जी महाराज के उपदेशों का पाठ करते हुए कृष्ण कुमार वर्मा ने कहा कि संतमत का ज्ञान ईश्वर प्राप्ति के क्षेत्र में परम ज्ञान है।उसे पाकर उसके अनुसार आचरण करने से मनुष्य का परम कल्याण संभव है। महर्षि संतसेवी जी महाराज कहा करते थे कि जब तक जीव साधना के बल परम तत्व को प्राप्त नहीं करता है ,तब तक वह 8400000 योनियों में भटक कर दुख पाता रहता है ।जीवन के दुखों से छूटने के लिए सच्चे संत सद्गुरु से उपदेश लेकर ध्यान भजन करने से ही इंसान की मुक्ति संभव है । मनुष्य जन्म की सार्थकता की चर्चा करते हुए कहा गया कि जब तक मनुष्य ईश्वर की भक्ति कर सिद्ध नहीं होगा तब तक वह दुखों में डूबा रहेगा । दुखों से छूटने का एक ही रास्ता ईश्वर की प्राप्ति है ,जो हर हाल में संतो के उपदेशों को अपनाकर ध्यान अभ्यास से संभव है । इस मौके पर सैकड़ों सत्संग प्रेमियों ने प्रसाद ग्रहण करते हुए संतमत के उपदेशों को जन - जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। हिन्दुस्थान समाचार/डॉ सुमन-hindusthansamachar.in