सुरक्षित प्रसव के लिए बहुत जरूरी है पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन
सुरक्षित प्रसव के लिए बहुत जरूरी है पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन
बिहार

सुरक्षित प्रसव के लिए बहुत जरूरी है पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन

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बेगूसराय, 05 नवम्बर (हि.स.)। सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को गर्भधारण के पूर्व और बाद में पूर्ण रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन करना बेहद जरूरी है। तभी सुरक्षित प्रसव संभव है और स्वस्थ बच्चे का जन्म होगा। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को प्रोटीन, आयरन और कैल्शियमयुक्त खाने का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए। इस दौरान दाल, पनीर, अंडा, पालक, सोयाबीन, नॉनवेज, गुड़, अनार, नारियल, चना, हरी सब्जी आदि का सेवन करना चाहिए। सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए स्वस्थ रहना जरूरी- सुरक्षित और सामान्य प्रसव तभी संभव है जब गर्भवती महिला शारीरिक और मानसिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ रहेगी। इसके लिए महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर जाँच करानी चाहिए और चिकित्सा परामर्श का पालन करना चाहिए। साथ ही पौष्टिक और प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करना भी बेहद जरूरी है। इससे ना सिर्फ महिलाएं स्वस्थ रहती हैं बल्कि गर्भस्थ शिशु भी स्वस्थ और मजबूत होता है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत इसके लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। गर्भधारण के पूर्व शारीरिक और मानसिक रूप से रहें स्वस्थ- अगर कोई महिला गर्भधारण के बारे में सोच रही है तो उन्हें तीन-चार माह पूर्व से योजना बनानी चाहिए और सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रहना चाहिए। ताकि गर्भावस्था से लेकर प्रसव तक किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानियां उत्पन्न नहीं हो। गर्भधारण के लिए सही उम्र होना जरूरी- डॉ. संगीता बताती हैं कि गर्भधारण के लिए महिलाओं का सही उम्र होना भी बेहद जरूरी है। क्योंकि, कम उम्र में गर्भधारण होने से हमेशा समय पूर्व शिशु होने की संभावना बनी रहती है। जिससे महिलाओं को कई प्रकार की परेशानियों से जूझना पड़ जाता है। गर्भधारण के लिए महिलाओं का कम से कम 20 वर्ष का होना जरूरी है। इस उम्र में ही गर्भधारण कराना चाहिए, जिससे किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न नहीं हो। प्रसव पूर्व समय-समय पर कराते रहें जांच- सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए। प्रसव पूर्व जांच के लिए सरकार द्वारा पीएचसी स्तर पर भी मुफ्त जांच सुविधा की व्यवस्था की गई है। जहां हर महीने के नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच होती और जांचोपरांत आवश्यक चिकित्सा परामर्श दी जाती है। कोविड-19 से बचाव के लिए साफ-सफाई जरूरी- कोविड-19 के इस दौर में इससे बचाव के लिए गर्भवती महिलाओं को खासकर व्यक्तिगत साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखना चाहिए। साथ ही मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करना चाहिए। दो गज की शारीरिक-दूरी का हमेशा पालन करना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र-hindusthansamachar.in