सीयूसीबी का प्रस्तावित केंद्रीय पुस्तकालय होगा आकर्षण का केन्द्र
सीयूसीबी का प्रस्तावित केंद्रीय पुस्तकालय होगा आकर्षण का केन्द्र
बिहार

सीयूसीबी का प्रस्तावित केंद्रीय पुस्तकालय होगा आकर्षण का केन्द्र

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गया, 22 सितंबर (हि.स.) दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) का केन्द्रीय पुस्तकालय सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि यहाँ अब तक बने पुस्तकालयों में काफी भव्य होगा। यहां पाठकों को देश व दुनिया की पुस्तकों को पढ़ने का एक उचित वातावरण मिलेगा।विवि के दूसरे चरण के भवन निर्माण परियोजना में केन्द्रीय पुस्तकालय को प्राथमिकता दी गई है।इसे वैश्विकस्तर का बनाने के लिए विवि प्रशासन पूरी तरह प्रयासरत हैं। सेन्ट्रल लाइब्रेरी के साथ - साथ कैंपस को विकसित और भव्य बनाने के लिए कई भवन बनाये जाएंगे।जिनमें विवि कर्मचारियों के लिए आवास एवं विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल प्रमुख हैं। उपरोक्त बातें दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल राजीव कुमार सिंह ने विवि के दूसरे चरण के मास्टर प्लान के परिदृश्य में मंगलवार को दी। उन्होंने कहा कि सीयूएसबी का वर्तमान कैंपस 300 एकड़ में फैला है और कैंपस के भवन सबके लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। कुलसचिव कर्नल सिंह के अनुसार दूसरे चरण के भवन निर्माण एवं कैंपस डेवलपमेंट कार्य के पूर्ण होने पर विवि और भी सुन्दर तथा भव्य दिखाई देगा। कर्नल सिंह ने बताया कि भवन निर्माण के दूसरे चरण एवं कैंपस डेवलपमेंट के लिए सीपीडब्लूडी (केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग) के साथ करार हुआ है। जन संपर्क पदाधिकारी मो. मुदस्सीर आलम ने इस संबंध में बताया कि कुलपति प्रोफेसर हरिश्चंद्र सिंह राठौर के निर्देशानुसार कुलसचिव कर्नल राजीव कुमार सिंह (सेवानिवृत) एवं बोधगया ज़ोन के सीपीडब्लूडी के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार सिंह के बीच एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर हुआ है।इस अवसर पर सीपीडब्लूडी और दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के कई पदाधिकारी बतौर गवाह के रूप में एमओयू पर हस्ताक्षर किया। दोनों पक्षों ने गवाहों की उपस्थिति में करारनामे (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के बाद कागज़ात को औपचारिक तौर पर अदला-बदली कर भवन निर्माण एवं कैंपस विकास के कार्यों के लिए हुए करार पर सहमति जताई गई। कुलसचिव कर्नल राजीव कुमार सिंह ने करारनामा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस परियोजना की कुल लागत क़रीब 116 करोड़ है और इसमें भवन निर्माण के साथ - साथ पूर्णतः संचालित होने वाले संसाधन क्रमशः वाटर सप्लाई, सीवरेज, बिजली तथा भवनों को जोड़ने वाली सड़कें आदि शामिल हैं। दूसरे चरण के भवन निर्माण में 64 स्टाफ क़्वार्टर, 600 बेड का हॉस्टल, 1 हेल्थ सेंटर, 1 सेंट्रल लाइब्रेरी, फ़ूड कोर्ट (कैफेटेरिया), छोटा शॉपिंग सेंटर एवं शोध के लिए एनिमल हाउस शामिल है। स्टाफ़ क़्वार्टर के दो टॉवर होंगे, प्रत्येक बिल्डिंग जी + 7 होगी और प्रत्येक में 32 फ्लैट होंगे, वहीँ हॉस्टल के भी दो ब्लॉक होंगे और प्रत्येक हॉस्टल में 300 बेड की क्षमता होगी। कर्नल सिंह ने बताया कि भवन निर्माण के लिए सीपीडब्लू को 2 वर्ष (24 महीने) का लक्ष्य दिया गया है | वहीं, सीपीडब्लू के अभियंता ने बताया कि सीयूएसबी के साथ भवन निर्माण के लिए करार होना हर्ष का विषय है और हम तीन से चार महीने के अंदर टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू करवा देंगे। ग़ौरतलब हो कि सीयूएसबी के भवन निर्माण का प्रथम चरण 2015 में प्रारंभ हुआ था और आज विश्वविद्यालय में 7 से 8 विशाल भवनों के साथ - साथ निपुणता एवं निष्ठता के साथ विकसित किया गया खूबसूरत कैंपस है। दूसरे चरण के भवन निर्माण के कार्य के पूरा होने के पश्चात सीयूएसबी इस छेत्र में एक उच्च शिक्षा के लिए बेहतरीन शिक्षण संस्थान के तौर पर उचित संसाधनों के साथ अच्छी तरह से विकसित हो जायेगा। हिंदुस्थान समाचार/पंकज/चंदा-hindusthansamachar.in