साहित्य साधक मंच  ने किया  ऑनलाइन महाकवि सम्मेलन का आयोजन
साहित्य साधक मंच ने किया ऑनलाइन महाकवि सम्मेलन का आयोजन
बिहार

साहित्य साधक मंच ने किया ऑनलाइन महाकवि सम्मेलन का आयोजन

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सहरसा,07 सितंबर (हि. स.)। नशा ले जाता गर्त में विषय पर साहित्य साधक अखिल भारतीय साहित्यिक मंच सहरसा ने सोमवार को जूम एप के माध्यम से लाइव महाकवि सम्मेलन आयोजित किया । इसकी अध्यक्षता डॉ राणा जयराम सिंह 'प्रताप ने की । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात व्यंग्यकार मंजुल मयंक ने माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन किया। इसके बाद मंच संचालिका योग शिक्षिका श्रीमती व्यंजना आनंद की गुरु वंदना से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। इसके बाद कृष्ण कुमार क्रांति ने माँ शारदे की वंदना की । इस आयोजन में राष्ट्रीय स्तर के कवि शामिल थे जिनकी प्रस्तुति अद्भुत और सराहनीय रही।किसी ने इस नशा को अपनी सोच का परिणाम बताया तो किसी ने हर भौतिक भाव में ही एक नशा दर्शाते हुए अपनी प्रस्तुति देकर इस कवि सम्मेलन को यादगार बना दिया। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि मंजुल मयंक के अभिभाषण से कार्यक्रम की शुरुआत की गई । तालियों की गड़गड़ाहट से मंच गूँज गया।क्या सोच रहे हो भैय्या,क्यूँ मौत से खेले व्यर्थ में,जिंदगी इक तोहफा है भैया,नशा ले जाता गर्त में।इस कार्यक्रम में दर्शन जोशी संगमनेर,महाराष्ट्र नीलम व्यास जोधपुर(राजस्थान), राधा तिवारी"राधेगोपाल उधम सिंह नगर,उत्तराखंड, डॉ. राजेन्द्र सिंह 'विचित्र' रामपुर उत्तर प्रदेश,व्यंजना आनंद मिथ्या आनंद बेतिया बिहार,दिनेश कुमार पाण्डेय नई दिल्ली, रणविजय यादव,अररिया बिहार सपना सक्सेना दत्ता, नोएडा, शशिकांत शशि,सहरसा संतोष सिंह हसोर,बाराबंकी उत्तर प्रदेश, मनीष वर्मा, भारत भूषण वर्मा, संजय सिंह समाज, रूपेश कुमार, डॉ राधा बाल्मीकि, आशीष भारती,सर्वेश उपाध्याय सरस, प्रतिभा स्मृति, डॉक्टर गोपाल साहू, डिंपल सारस्वत सहित अन्य कवियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मंच के संरक्षक एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ राणा जयराम सिंह 'प्रताप ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा-सभी हमारे कवि मित्र जीवन में बहुत आगे जाएंगे और अपनी लेखनी के प्रभाव से लोगों को प्रेरित भी करेंगे ।उन्होंने कहा इस मंच को एक नई ऊँचाई देने हेतु हम सब सदैव सजग रहेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/विभाकर-hindusthansamachar.in