सरकार कर रही कोरोना से मरने वालों  के आँकड़ों में बाजीगीरी
सरकार कर रही कोरोना से मरने वालों के आँकड़ों में बाजीगीरी
बिहार

सरकार कर रही कोरोना से मरने वालों के आँकड़ों में बाजीगीरी

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बिहार में कोरोना के आंकड़ों को लेकर कन्फ्यूजन कोरोना : उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के मौत के आंकड़े अलग-अलग पटना, 23 जुलाई (हि.स.) । बिहार में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए राज्य सरकार की व्यवस्था और तैयारियों की पोल खुल गई है। हर तरफ अराजकता का आलम है। कोरोना संक्रमित मरीजों की न तो जांच हो रही है और न उन्हें अस्पताल में भर्ती लिया जा रहा है।कई ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देखकर इंसान की रूह तक कांप जाए। केंद्रीय टीम ने भी बिहार की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। बिहार में कोरोना के कितने मरीजों की जांच हुई, कितने पॉजिटिव मिले और अबतक कितने मरीजों की मौत हुई, इसको लेकर हर तरफ कंफ्यूजन है। ऐसा लगता है कि सरकार कोरोना से हो रही मौतों के आँकड़ों में बाजीगीरी कर रही है।मौत का आंकड़ा छुपाया जा रहा है। लोगों के सामने सही आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया जा रहा। ऐसा इसलिए, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के आँकड़ों में भिन्नता है। इससे इस बात की पुष्टि हो रही है कि कहीं न कहीं करोना मरीजों की मौतों की संख्या में बाजीगीरी की जा रही है। सरकार सही संख्या जनता के बीच नहीं ला रही। विपक्षी दल भी सरकार पर आँकड़ा छुपाने का आरोप लगाते रहे हैं। अब जरा इन आँकड़ों पर गौर फऱमाइए उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने 21 जुलाई को ट्वीट कर जानकारी दी थी कि बिहार में अब तक कुल 216 लोगों को कोरोना से बचाया नहीं जा सका। तब तक तो सबकुछ ठीक था। लोगों ने मान लिया कि बिहार में कोरोना से 216 लोगों की मौत हुई है। सुशील मोदी के ट्वीट के कुछ ही देर बाद 21 जुलाई को ही स्वास्थ्य विभाग का अपडेट आया, जिसमें कोरोना से कुल 198 लोगों की मौत की बात कही गई। हद तो तब हो गई, जब स्वास्थ्य विभाग ने एक दिन बाद यानी 22 जुलाई को जो रिपोर्ट जारी की उसमें भी 216 का आंकड़ा नहीं छू सका। 22 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना से मौत की संख्या बताई गई, वह 208 थी।यानी सुशील मोदी की तरफ से 24 घंटे पहले कोरोना से मौत की जो संख्या बताई गई थी, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उससे भी 8 कम ही बताया गया। मतलब साफ है कि या तो डिप्टी सीएम सुशील मोदी को कोरोना के संबंध में सही आँकड़ा नहीं दिया जा रहा या फिर स्वास्थ्य विभाग कोरोना से हुई मौत की संख्या को छुपा रहा है। हिंदुस्थान समाचार/राजीव रंजन/विभाकर-hindusthansamachar.in