समाज और व्यक्ति विशेष को आगे आना होगा: अभयानंद
समाज और व्यक्ति विशेष को आगे आना होगा: अभयानंद
बिहार

समाज और व्यक्ति विशेष को आगे आना होगा: अभयानंद

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गया, 02 अगस्त (हि.स.) पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं सुपर 30 के जनक अभयानंद का कहना है कि सरकार नीति बना सकती है। लेकिन बगैर समाज और व्यक्ति विशेष की इच्छा शक्ति के शिक्षा और स्वास्थ के क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार संभव नहीं है।श्री अभयानंद रविवार को दिल्ली से ज़ूम एप और फेसबुक पर आयोजित लाइव वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। दिल्ली बेस संजय कुमार द्वारा आयोजित वेबिनार में मगध सुपर 30 के सचिव पंकज कुमार, पटना के सुपर 30 के संयोजक सह फिटजी के पूर्व मैथ्स गुरु पंकज सिंह, ब्रह्मजन सुपर 30 के वरिष्ठ फैकल्टी दिपेश कुमार, जहानाबाद के शिक्षाविद ज्येंद्र मधुकर और पटना के केंद्रीय सेवा प्रतियोगिता कोचिंग सेंटर के सम्नवयक प्रियरंजन वेबिनार में शामिल थे। अभयानंद ने कहा कि न्यूटन की थ्योरी हमें पढ़ाई जाती है। लेकिन यह नहीं बताया जाता है कि न्यूटन को अपने शोध को दुनिया के समक्ष लाने में स्वयं से कितने सवालों का हल ढूंढना पड़ा होगा? उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति कोई भी हो।जब तक विद्यार्थियों को रटे-रटाए उत्तर देने की अपेक्षा छात्रों को प्रश्न पूछने और उसका जबाव देने के लिए शिक्षकों को प्रेरित करना होगा। शिक्षकों को प्रशिक्षित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज भी हर सवाल का जबाव हमारे निकट प्रकृति के पास है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया कोरोनावायरस से जूझ रही है। उन्होंने पूछा कि क्या हमारे पास कोरोनावायरस विस्फोट के पूर्व इस बात को लेकर कोई पूर्व जानकारी थी? उन्होंने आगे कहा कि अब विश्व के वैज्ञानिक समस्या का समाधान ढूंढने में लगे हैं। मगध सुपर 30 के सचिव पंकज कुमार ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा के माध्यम से सुपर 30 सुप्त क्रांति लाने में सफल हुई है। इसका पूरा श्रेय मार्गदर्शक श्री अभयानंद और समाज को जाता है। उन्होंने बताया कि अब गया,औरंगाबाद और अरवल जिले के अति नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों को बाल और महिला दस्ता के लिए बच्चें और महिलाएं नहीं मिल रहे हैं।जो मुठभेड़ के वक्त पुलिस बल के सामने नक्सलियों के ढाल बन जाते थे।अब बच्चें राइफल के ट्रिगर के स्थान पर कंम्पयूटर के माउस से खेलना पसंद करने लगे हैं।उनके रौल मोडल अब नक्सली कमांडर के स्थान पर आईआईटी/एनआईटी एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पाने वाले इलाके के भैय्या और दीदियां है। हिंदुस्थान समाचार/पंकज/चंदा-hindusthansamachar.in