संक्रमण के खतरे से रहें सावधान, सतर्कता ही है जिंदगी की सुरक्षा
संक्रमण के खतरे से रहें सावधान, सतर्कता ही है जिंदगी की सुरक्षा
बिहार

संक्रमण के खतरे से रहें सावधान, सतर्कता ही है जिंदगी की सुरक्षा

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बेगूसराय, 21 सितम्बर (हि.स.)। धीरे-धीरे कोरोना संक्रमण के बीच आम जनजीवन की बदलती हुई तस्वीर पूर्व की तरह सामान्य दिखने लगी है। विभिन्न कार्य क्षेत्रों में भी गति देखी जा रही है। लोग सामान्य दिनों की तरह बाजार और सड़कों पर रोजमर्रा के कामों और जरूरतों को लेकर निकल रहे हैं। हालांकि इस दौरान मुख्य बाजार और सड़कों पर तो सतर्कता देखी जाती है। लेकिन गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों पर सही से मास्क पहनने से लेकर शारीरिक दूरी जैसी जरूरी नियमों की अनदेखी भी देखी जा रही है। ऐसे वक्त में जब जिंदगी हर पल संक्रमण के खतरे की आशंका से जूझ रही है, तो क्या सभी को इस माहौल के बीच खुद को सुरक्षित रखना जरूरी नहीं है। समाज को सुरक्षित रखने की है जरूरत- लॉकडाडन के बाद अब लोगों ने सामान्य जीवन यापन शुरू कर दिया है। इस दौरान घर से बाहर निकलने के बाद बरती जाने वाली असावधानी इंसान की अपनी मौलिक प्रवृत्ति से जुड़ी हो सकती है। इंसान एक सामाजिक प्राणी है, जो अधिक समय तक नियमों में बंधे रहना पसंद नहीं करता। हालांकि सभी लोग ऐसे नहीं हैं। कुछ लोग जहां संक्रमण काल को देखते हुए और समय की मांग यानी शारीरिक दूरी का पालन, सही तरीके से मास्क लगाने आदि को नहीं भूलते। वहीं दूसरी ओर इसके उलट विचार वाले भी हैं। आज चुनौती ऐसे ही लोगों को संभालते और जागरूक करते हुए समाज को सुरक्षित रखने की है। उनके बारे में सोचें जो इससे प्रभावित हैं- नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों में किसी तरह का फोबिया या डर नहीं पाया जाता। उन्हें समस्या को हल्के में लेने की आदत होती है। ऐसे लोग खुद को तमाम तरह के तर्क देकर अपने अहं को संतुष्ट करते रहते हैं। हो सकता है उन्हें उनकी अपनी सोच से कुछ समय के लिए तसल्ली मिलती हो। लेकिन उनके बारे में भी एक बार अवश्य सोच लेना चाहिए जो इससे प्रभावित हो चुके हैं। उनकी सोचिए, जिनका कोई अपना इसका शिकार हो चुका है। उन लोगों, परिवारों की पीड़ा को समझने की कोशिश कीजिए जो आज तक इससे उबरने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि जबतक आप सुरक्षित हैं और तकलीफ का दर्द नहीं समझ रहें हैं, समस्याओं को नजरअंदाज कर सकते हैं। स्वयं करें पहले, आपके साथ दूसरे भी रहेंगे सुरक्षित- अब तक कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए कोई इलाज उपलब्ध नहीं है। वैक्सीन और टीका पर काम विश्वस्तर पर जारी है। इसलिए अभी इसके प्रभाव में आने से बचने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग के बताए गए दिशानिर्देशों का पालन करना ही एकमात्र उपाय है। यदि घर से लोग बाहर निकलते हैं और संक्रमण का लेकर सचेत हैं तो यह सबसे अच्छा है। यह बताता है कि लोगों को अपनी जिंदगी और अपनों से प्यार है। यही उन्हें स्वयं के साथ दूसरों की जिंदगी को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित भी करता है। कोरोना काल में इन व्यवहारों को अपनाना है जरूरी- - सही जानकारी रखें, अफवाहों पर ध्यान और बढ़ावा नहीं दें। - अपने आसपास स्वच्छता और सफाई का ख्याल रखें। - समय-समय पर साबुन से अच्छी तरह हाथों को धोते रहें। - छींकने और खांसने के दौरान अपने मुंह पर रुमाल रखें। - जो बीमार रहते हैं उनका विशेष ख्याल और अलग कमरे में रखें। - बाजार, दुकान में लोगों से प्रर्याप्त शारीरिक दूरी बनाकर रखें। - बार-बार अपने चेहरे, नाक और आंखों को छूने से बचें। - सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ नहीं लगाएं। - अगर बुखार, खांसी और जुकाम की समस्या या अन्य कोई लक्षण नजर आए तो तुरंत जांच कराएं। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र/चंदा-hindusthansamachar.in