वैश्य समाज ने पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह की मनायी जयंती
वैश्य समाज ने पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह की मनायी जयंती
बिहार

वैश्य समाज ने पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह की मनायी जयंती

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सहरसा,23 दिसम्बर(हि.स.)। वैश्य समाज सहरसा के तत्वावधान मे बुधवार को पौदार वैश्य धर्मशाला मे भारत के सातवें प्रधानमंत्री व किसानों के मसीहा के रूप से जाने वाले चौधरी चरण सिंह का 118 वल वां जंयती समारोह पूर्वक किसान दिवस के रूप मे मनाया गया।समारोह की अध्यक्षता कर जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद साह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह सिर्फ़ एक राजनीतिज्ञ, एक किसान नेता, एक पार्टी के अध्यक्ष और एक भूतपूर्व प्रधानमंत्री का नाम ही नहीं था, चरण सिंह एक विचारधारा का भी नाम था। चरण सिंह की राजनीति में कोई दुराव या कोई कपट नहीं था, बल्कि जो उन्हें अच्छा लगता था, उसे वो ताल ठोक कर अच्छा कहते थे, और जो उन्हें बुरा लगता था, उसे कहने में उन्होंने कोई गुरेज़ भी नहीं किया। वैश्य समाज के जिला कार्यकारी अध्यक्ष देवेंद्र कुमार देव ने कहा कि उनका बहुत रौबीला व्यक्तित्व होता था। जिनके सामने लोगों की बोलने की हिम्मत नहीं पड़ती थी। वैश्य समाज के उपाध्यक्ष कृष्णमोहन चौधरी ने कहा कि अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान चरण सिंह भारतीय किसानों की दशा सुधारना चाहते थे और इसके लिए कई पॉलिसीज भी लाए। इसकी बड़ी वजह यह थी कि वह खुद भी किसान परिवार से थे और किसानों की समस्या को अच्छी तरह समझ सकते थे। वैश्य समाज के जिला प्रवक्ता राजीव रंजन साह ने कहा कि हम सबको पता है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। इसका मतलब है कि यहां की जनसंख्या का एक बड़ा भूभाग कृषि पर निर्भर है। किसानों की वजह से हमारे खाने की व्यवस्था होती है। लिहाजा उनकी मेहनत के सम्मान के लिए एक दिन तो बनता है।आज का दिन यानी 23 दिसंबर उन्हीं किसानों को समर्पित है जो भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी भी कहे जाते हैं। संचालन कर रहे जिला महासचिव शशिभूषण गांधी ने कहा कि आज सोचनीय विषय है कि आजादी के इतनो दिनों के बाद भी देश की राजनीति किसान पर ही केन्द्रति रहा। लेकिन आज तक किसान सिर्फ कर्ज माफी तक रह गया है । हिन्दुस्थान समाचार/अजय-hindusthansamachar.in