वैज्ञानिक आविष्कारों से मानव जीवन और सभ्यता में क्रांतिकारी परिवर्तन
वैज्ञानिक आविष्कारों से मानव जीवन और सभ्यता में क्रांतिकारी परिवर्तन
बिहार

वैज्ञानिक आविष्कारों से मानव जीवन और सभ्यता में क्रांतिकारी परिवर्तन

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गया, 16 सितंबर (हि.स.) वैज्ञानिक आविष्कारों के कारण मानव जीवन और सभ्यता में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है। उक्त तथ्य दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के भौतिक विज्ञान विभाग के द्वारा साप्ताहिक व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत चुंबकीय पदार्थों पर हो रहे आधुनिक शोध पर वेबिनार के दौरान बुधवार को सामने आया। साप्ताहिक "विज्ञान व्याख्यान श्रृंखला" (सीज़न 2) के नवें व्याख्यान में मुख्य वक्ता प्रोफेसर राम जनय चौधरी थे।प्रो.चौधरी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग -परमाणु ऊर्जा विभाग वैज्ञानिक अनुसंधान संकुल, इंदौर में कार्यरत हैं और इस अनुसंधान क्षेत्र में एक विश्व प्रसिद्ध शोधकर्ता हैं। प्रो. चौधरी ने वेबिनार में विभिन्न प्रकार के मैग्नेटिक पदार्थों का विवरण दिया और इन पर अपने शोधकार्यों को प्रस्तुत किया।वेबिनार की औपचारिक शुरुआत भौतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. वेंकटेश सिंह ने की। वेबिनार में वक्ताओं ने चुम्बकीय पदार्थों एवं चुंबकत्व में हो रहे वर्तमान अनुसंधान से जुड़े विभिन्न आयामों पर विस्तृत परिचर्चा में भाग लिया। वेबिनार में बताया गया कि वैज्ञानिक अविष्कारों ने किस तरह मानव सभ्यता में क्रन्तिकारी परिवर्तन लाया हैं। इसका सबसे सटीक उदाहरण है मैग्नेटिस्म (चुम्बकत्व) विज्ञान के क्षेत्र में हुआ विकास। यद्यपि चुम्बकत्व को प्राचीन काल से ही जाना जाता था। इसकी समझ और उपयोग में पहला महत्वपूर्ण विकास उन्नीसवीं शताब्दी में आया। जब बिजली और चुंबकत्व के बीच अंतर-संबंध स्थापित किया गया।जिसके कारण आधुनिक विद्युत उत्पादन उद्योग का जन्म हुआ और एक महान नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई। व्याख्यान में भारत एवं विदेश के 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। हिंदुस्थान समाचार/पंकज/चंदा-hindusthansamachar.in