रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया, मैनें परसों ही कहा था आप कहीं नहीं जा रहे, लेकिन आप इतनी दूर चले गएः लालू
रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया, मैनें परसों ही कहा था आप कहीं नहीं जा रहे, लेकिन आप इतनी दूर चले गएः लालू
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रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया, मैनें परसों ही कहा था आप कहीं नहीं जा रहे, लेकिन आप इतनी दूर चले गएः लालू

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पटना, 13 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) में समाजवाद के पुरोधा, राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने रविवार को अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद चारा घोटाले के चार मामलों में सजायाफ्ता राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर कहा, प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया? मैंने परसों ही आपसे कहा था कि आप कहीं नहीं जा रहे है। लेकिन, आप इतनी दूर चले गए। नि:शब्द हूं। दुःखी हूं। बहुत याद आएंगे। उल्लेखनीय है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद पिछले 32 वर्षों से लालू से साथ खड़े रहे रघुवंश प्रसाद सिंह को पार्टी में वंशवाद कोचटते रहते था और जाते-जाते उन्होंने राजद का साथ छोड़ दिया, लेकिन, इमानदार रघुवंश प्रसाद का सामाजिक और राजनीतिक कद इतना बड़ा था कि लालू प्रसाद यादव ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। इस्तीफे की चिट्ठी मिलने के पहले ही लालू ने चिट्ठी लिख दी और पूरे अधिकार से साथ कहा कि आप कहीं नहीं जा रहे हैं। पार्टी के अंदर इस तरह किसी नेता का कद शायद ही हो। रघुवंश बाबू के रहते कभी लगा ही नहीं अकेले हैः तेजस्वी लालू यादव के पुत्र व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि राजद के मजबूत स्तम्भ, प्रखर समाजवादी जनक्रांति पुंज हमारे अभिभावक, पथ प्रदर्शक रघुवंश बाबू के दुःखद निधन पर मर्माहत हूं। वे समस्त राजद परिवार के पथ प्रदर्शक, प्रेरणास्रोत और गरीबों की आवाज थे। रघुवंश बाबू की क्रांतिकारी समाजवादी धार राजद के हर कार्यकर्ता के चरित्र में है। उनकी गरीब के प्रति चिंता, नीति, सिद्धांत, कर्म, और जीवनशैली हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्त्रोत बनी रहेगी। उनकी कमी राजद और देश को सदैव खलेगी। रघुवंश प्रसाद के रहते कभी लगा ही नहीं कि हमलोग अकेले हैं। जब हमारे घर सीबीआई, ईडी की रेड पड़ी तब भी रघुवंश प्रसाद सिंह ही थे, जिन्होंने हमारा हौसला बढ़ाया था। लालू प्रसाद का कोर्ट ट्रायल के दौरान वे हमारे साथ मजबूती से खड़े रहे। पिछले दिनों जब एम्स में मुलाकात की थी तब ऐसा लग ही नहीं रहा था कि वे इतनी जल्दी चले जाएंगे। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/विभाकर-hindusthansamachar.in