यहां दीवारें भी बोलती है कविता, छोटे बच्चों को याद है 'कलम आज उनकी जय बोल'
यहां दीवारें भी बोलती है कविता, छोटे बच्चों को याद है 'कलम आज उनकी जय बोल'
बिहार

यहां दीवारें भी बोलती है कविता, छोटे बच्चों को याद है 'कलम आज उनकी जय बोल'

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बेगूसराय, 22 सितम्बर (हि.स.)। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता आज भी जनमानस के दिलो-दिमाग पर कौंधते रहती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हों या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या फिर बेगूसराय का कोई भी बड़ा आयोजन , वहां राष्ट्रकवि की किसी ना किसी कविता की पंक्तियां जरूर गूंजती है। लेकिन बहुत कम ही लोगों को पता होगा की राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के गांव की दीवार और गलियां भी कविताएं बोलती है। सिमरिया की सिर्फ दीवार और गलियां ही कविता नहीं बोलती है, बल्कि यहां के बच्चा-बच्चा को याद है 'कलम आज उनकी जय बोल।' एनएच-31 के मल्हीपुर के नजदीक स्थित दिनकर द्वारा से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे बढ़ने पर रेलवे ढ़ाला के बाद शुरू होती है दिनकर जी के गांव सिमरिया की सीमा। दो पंचायतों के सिमरिया में प्रवेश करते ही सामने तिराहे पर पंचायत भवन के समीप दिनकर जी की भव्य प्रतिमा है। प्रतिमा स्थल के पहले से ही सड़क के दोनों ओर स्थित हर घर के दीवार पर राष्ट्रकवि दिनकर की चर्चित कविताओं की दो-दो पंक्तियां लिखी गई है। 'मर्त्य मानव के विजय का तूर्य हूं मैं उर्वशी अपने समय का सूर्य हूं मैं' से शुरू कविता की पंक्तियां 'हुंकार, कुरुक्षेत्र और हारे को हरि नाम तक की पंक्तियों पर जाकर समाप्त होती है। 'सुनूं क्या सिन्धु मैं गर्जन तुम्हारा, स्वयं युग धर्म का पुकार हूं मैं' समेत दीवारों पर लिखी अन्य पंक्तियां ना सिर्फ सिमरिया आने वाले हर लोगों को प्रेरित और उद्वेलित करती है। बल्कि राष्ट्रकवि के जयंती और पुण्यतिथि पर यहां आने वाले देश के विख्यात साहित्यकार, पत्रकार, कवि और राजनेताओं को भी एक नई प्रेरणा से ओत-प्रोत कराती है। यह तो थी दिनकर जी के गांव की दीवार और गलियों के बोलने की बात। अगर बात करें वहां के बच्चों की तो, उनके जुबान पर राष्ट्रकवि की प्रेरक कविताएं रहती है। गांव में छोटा-बड़ा कोई भी कार्यक्रम हो या फिर सिमरिया के बच्चे जिला से लेकर देश-प्रदेश तक के किसी भी कार्यक्रम में शामिल होते हैं तो 'कलम आज उनकी जय बोल' का पाठ करते हैं। ना सिर्फ कविता का पाठ करते हैं, बल्कि अपने भाव भंगिमा से श्रोता दर्शकों के दिलो-दिमाग में जोश का भी संचार करते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र/चंदा-hindusthansamachar.in