मुज़फ़्फ़रपुर में बाढ़ से मिली थोड़ी राहत, लोगों को अब सता रहा बीमारी का डर
मुज़फ़्फ़रपुर में बाढ़ से मिली थोड़ी राहत, लोगों को अब सता रहा बीमारी का डर
बिहार

मुज़फ़्फ़रपुर में बाढ़ से मिली थोड़ी राहत, लोगों को अब सता रहा बीमारी का डर

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मुज़फ़्फ़रपुर, 17 जुलाई (हि.स.)। मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले में बागमती नदी से कटरा,औराई और गायघाट प्रखंड में एक अच्छी खासी आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई। लेकिन बुधवार को लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। अचानक रौद्र रूप धारण कर चुकी बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब डेढ़ फीट नीचे आया जिससे प्रभावित क्षेत्रों से पानी कमाने लगा है। वहीं दूसरी ओर जिले के सरैया प्रखण्ड के रेवाघाट में अब बूढ़ी गंडक नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। इससे जिले के सरैया, पारू और साहेबगंज क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इस इलाके के लोगों का कहना है कि एक तो कोरोना से लोगों का जीना मुहाल है तो दूसरी ओर अब बाढ़ से परेशानी होगी। मुज़फ़्फ़रपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर की रिपोर्ट के अनुसार जलस्तर करीब एक मीटर ऊपर बह रहा है। बागमती नदी का जलस्तर कम होने से अब आलम यह है कि जिले के कटरा और औराई के कुछ गांव जहां बागमती के कारण नाव के सहारे आवागमन था वहां अब लोग पैदल निकलने लगे हैं। अब लोगों की मानें तो बाढ़ का पानी कमते ही तरह—तरह की बीमारियों से लोग परेशान होने लगे है। लेकिन जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने गांव में अबतक किसी प्रकार की राहत नहीं दी है। सबसे बड़ी बात है कि कीटनाशक का भी छिड़काव नहीं कराया जा रहा है जिससे लोगों में काफी ज्यादा भय व्याप्त है। हिंदुस्थान समाचार/मनोज/हिमांशु शेखर/विभाकर-hindusthansamachar.in