भोजपुर में डीएम ने 156 जोखिम क्षेत्रों  की बढ़ाई सुरक्षा
भोजपुर में डीएम ने 156 जोखिम क्षेत्रों की बढ़ाई सुरक्षा
बिहार

भोजपुर में डीएम ने 156 जोखिम क्षेत्रों की बढ़ाई सुरक्षा

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आरा,23 जुलाई(हि. स.)।भोजपुर जिले में कोरोना के लगातार बढ़ रहे खतरों ने जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है। जिले में कोरोना के बढ़ते ग्राफ से आम आदमी से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक में हड़कम्प मच गया है। भोजपुर में कोरोना को लेकर भयावह होती स्थिति को देखते हुए भोजपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा भी अब एक्शन में आ गए हैं। जिलाधिकारी ने जिले के सभी थानों की पुलिस से लेकर बीडीओ,सीओ और एसडीओ को कोरोना से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है।डीएम के निर्देश पर गुरुवार से नए तरीके से जोखिम क्षेत्रों का पुनर्गठन कर दिया गया है। अब भोजपुर जिले में कुल 156 जोखिम क्षेत्रों का निर्धारण किया गया है। जिलाधिकारी ने जिले के सभी थानाध्यक्षों , ओपी प्रभारियों,सीओ,बीडीओ,एसडीपीओ और वरीय पदाधिकारियों को कोरोना को लेकर जोखिम क्षेत्रों में मानक के अनुसार सभी आवश्यक सुविधाएं बहाल करने का निर्देश दिया है। जोखिम क्षेत्र में आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई- भोजपुर के जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जोखिम क्षेत्र में सरकारी और प्रशासनिक आदेशों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाय। उन्होंने उल्लंघन करने वालों पर एफआईआर भी दर्ज करने का निर्देश दिया है। डीएम ने सिविल सर्जन को भी निर्देश दिया है कि जोखिम क्षेत्रो में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए जांच को व्यापक स्तर पर पूरा कराएं साथ ही जोखिम क्षेत्रों में इलाज की समुचित व्यवस्था भी बहाल करें। डीएम के आदेश पर स्थापित हुआ नियंत्रण कक्ष- जिलाधिकारी के निर्देश पर भोजपुर में कोरोना की किसी भी जानकारी के आदान प्रदान के लिए एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर - 06182-248010 है। कोरोना को लेकर जिले के नागरिक कभी भी इस नम्बर पर फोन कर जानकारी ले या दे सकते हैं। जिला नियंत्रण कक्ष 24 घण्टे खुला रहेगा। मण्डल कारा के कैदियों से बाहरी लोगों से मिलने पर रोक- जिलाधिकारी ने आरा स्थित मण्डल कारा में बन्द कैदियों को किसी भी बाहरी व्यक्ति से मिलने पर रोक लगा दी है। कोरोना संक्रमण से जेल के कैदियों को सुरक्षित रखने के लिए यह आदेश दिया गया है। जेल में कैदियों से मिलने उनके नाते- रिश्तेदार और परिजन बाहर से आते हैं और ऐसे में कैदियों को कोरोना का संक्रमण हो सकता है ।इसी आशंका को देखते हुए अब डीएम ने बाहरी व्यक्तियों के कैदियों के मिलने पर रोक लगा दी है। फिलहाल कोरोना के तेजी से बढ़ते आंकड़ों को ले न सिर्फ जिले के नागरिकों की बेचैनी बढ़ गई है बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों का भी चैन छीन गया है। हिन्दुस्थान समाचार/ सुरेन्द्र /विभाकर-hindusthansamachar.in