भाकपा माले का घोषणा पत्र जारी, भूमि सुधार कानून लागू करने को  प्राथमिकता
भाकपा माले का घोषणा पत्र जारी, भूमि सुधार कानून लागू करने को प्राथमिकता
बिहार

भाकपा माले का घोषणा पत्र जारी, भूमि सुधार कानून लागू करने को प्राथमिकता

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आशा कार्यकर्ता तथा आंगनबाड़ी सेविका के वेतन में होगा सुधार पटना, 15 अक्टूबर (हि.स.)। भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने गुरुवार को घोषणा पत्र जारी किया। घोषणा पत्र में डी बंदोपाध्याय आयोगों की अनुशंसाओं के आलोक में सीलिंग की जमीन घटाना, कानून का सख्ती से पालन, भूदान समितियों का पुनस्र्थापना, बटाईदारों का पंजीकरण, किसानी का हक, बिना आवास वाले परिवार को 10 डिसमिल आवासीय जमीन देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने के साथ ही युवाओं को रोजगार मुहैया कराने से लेकर पलायन को रोकने की प्राथमिकता दी गई है। घोषणा पत्र की प्रमुख बातों में कृषि क्षेत्र में सस्ते ऋण और सिंचाई की गारंटी, बंद पड़े मिलों और सरकारी क्षेत्र के बीमार औद्योगिक इकाइयों को चालू करना, सभी सरकारी संस्थानों में रिक्त पदों पर नियुक्ति, प्रवासी मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, जन स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर सेवाओं की गारंटी, सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करना आदि शामिल है। इसके अलावा पंचायत व नगर निकायों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन और सेवा शर्त में पूरा सुधार का वादा किया गया है। आशा कार्यकर्ता तथा आंगनबाड़ी सेविका समेत अन्य मानदेय पर कार्यरत कर्मियों के वेतनादि में भी सुधार की भी घोषणा की गई है। घोषणा पत्र जारी करने के मौके पर कविता कृष्णन, राजाराम सिंह औऱ केडी यादव भी उपस्थित थे। हर जगह पर जनता के बीच सत्ता परिवर्तन की धमक इस मौके पर भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। चुनाव प्रचार के दौरान सत्ता परिवर्तन की धमक सुनाई दे रही है। इस बार नीतीश सरकार की विदाई तय है। चुनाव के बाद विपक्षी गठबंधन की सरकार बनेगी। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/विभाकर-hindusthansamachar.in