भाकपा-माकपा ने 25 सितम्बर के भारत बंद का किया समर्थन
भाकपा-माकपा ने 25 सितम्बर के भारत बंद का किया समर्थन
बिहार

भाकपा-माकपा ने 25 सितम्बर के भारत बंद का किया समर्थन

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पटना ,22 सितंबर (हि.स.)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी औऱ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बिहार राज्य सचिवमंडल ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रहनुमाई वाली भाजपा-नीत एनडीए सरकार ने किसान विरोधी विधेयकों को राज्यसभा से पारित कराने में जिस प्रकार की जल्दबाजी दिखायी और अलोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनायी वह निंदनीय है। साथ ही संसदीय लोकतंत्र की घोर अवमानना है। 12 राजनीतिक दलों के प्रायः 100 सांसदों ने किसान विरोधी विधेयकों को प्रवर समिति के हवाले करने की मांग की थी जिसे ठुकराकर सत्ता पक्ष के इशारे पर उपसभापति ने जिस जल्दबाजी में ध्वनिमत से विधयेकों के पारित होने का एलान किया उसके स्वाभाविक नतीजे के तौर पर सदन में अभूतपूर्व हो-हल्ला और हंगामे का जो परिदृश्य बना वह लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला था। ऊपर से आग में घी डालते हुए उप सभापति ने सरकारी शह पाकर आठ सांसदों को निलंबित कर दिया जो धरना पर बैठने को विवश हुए। इसके प्रतिरोध में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति में शामिल सैकड़ों किसान संगठनों ने 25 सितम्बर को अखिल भारतीय बंद को सक्रिय समर्थन देने का एलान करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेष पाण्डेय एवं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने अपने कार्यकर्ताओं सहित आम जनता से आह्वान किया कि भारत के संपूर्ण ग्रामीण जीवन और कृषि को घने अंधेरे के गर्त में ले जाने वाले इन काले विधयेकों की फौरन वापसी की मांग को लेकर किसान संगठनों के साथ सड़कों पर उतरें और उसे सफल बनायें। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/विभाकर-hindusthansamachar.in