बिनोबा भावे की 125 वीं जयंती पर करुणा संवाद
बिनोबा भावे की 125 वीं जयंती पर करुणा संवाद
बिहार

बिनोबा भावे की 125 वीं जयंती पर करुणा संवाद

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गया, 11 सितंबर (हि.स.) संत विनोबा भावे जी की जयंती पर देश भर में 150 जगहो पर संवाद, संगोष्ठी, धरना, भूमि, जल, जंगल एवं वर्तमान परिस्थितियों के संदर्भ मे जय जगत की परिकल्पना पर आधारित कार्यक्रमो का आयोजन शुक्रवार को किया गया । एकता परिषद के अगुवाई में शुक्रवार को सहयोगी संगठनो, बुद्धिजीवियो द्वारा विनोवा विचार जिसमे "सबको सन्मति दे भगवान " एवं करुणा, कानून, और कत्ल के बीच अंतर को समझने की आवश्यकता है । संत विनोवा ने करुणा और कानून व्यवस्था के साथ समस्याओं का हल निकालने को मूर्त रूप देने का जो योगदान दिया उसे आगे बढ़ाने की ज़रूरत है । भूदान आन्दोलन सन्त विनोबा भावे द्वारा सन् 1951 में आरम्भ किया गया स्वैच्छिक भूमि सुधार आन्दोलन था। विनोबा की कोशिश थी कि भूमि का पुनर्वितरण सिर्फ सरकारी कानूनों के जरिए नहीं हो, बल्कि एक आंदोलन के माध्यम से इसकी सफल कोशिश की जाए। 20वीं सदी के पचासवें दशक में भूदान आंदोलन को सफल बनाने के लिए विनोबा ने गांधीवादी विचारों पर चलते हुए रचनात्मक कार्यों और ट्रस्टीशिप जैसे विचारों को प्रयोग में लाया। हिंदुस्थान समाचार/पंकज/चंदा-hindusthansamachar.in