बाढ़ क्षेत्र में खतरे का सबब हैंं छोटी नावें
बाढ़ क्षेत्र में खतरे का सबब हैंं छोटी नावें
बिहार

बाढ़ क्षेत्र में खतरे का सबब हैंं छोटी नावें

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खगड़िया, 31 जुलाई (हि.स.)। बाढ़ ग्रस्त खगड़िया जिले में बाढ़ के पानी से घिरे लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ रहा है। छोटी-छोटी नावों पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार हो जाने के कारण नौका पानी में बैठ जा रही है। यही हाल रहा तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता । हालांकि डीएम के संज्ञान में यह मामला आते ही अंचल अधिकारी को उन्होंने बड़ी नाव की व्यवस्था करने का आदेश दिया है। बताया जाता है कि चौथम प्रखंड की बूचा पंचायत में 30 जुलाई की शाम पुनर्वास गांव के पास एक नाव पानी में बैठ गई। पंचायत के वार्ड सचिव गोविंद कुमार ने बताया कि छोटी नाव पर दो- दो दर्जन लोग सवार हो जाते हैं। लोगों के पास और कोई विकल्प नहीं है इसलिए इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। इस संबंध में चौथम के अंचलाधिकारी दयाशंकर तिवारी ने स्वीकार किया कि क्षमता से अधिक लोगों के नाव पर सवार हो जाने के कारण ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो जा रही है ।इसलिए कुछ स्थानों पर दो नावों की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने ऐसे स्थानों पर बड़ी नाव की व्यवस्था करने का आदेश अंचलाधिकारी को दिया है। उल्लेखनीय है कि खगड़िया के 36 पंचायतों के 95 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। जिला प्रशासन ने इन 95 गांवों के लिए 90 नाव की व्यवस्था की है जिनमें 26 सरकारी तथा 64 निजी नावें हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश निजी नावें काफी छोटे आकार की हैंं जिसका इस्तेमाल मछुआरे मछली मारने के काम में करते थे। इसलिए ऐसी नावों का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोगों के आवागमन के लिए करना किसी भी लिहाज से सुरक्षित नहीं है। हिन्दुस्थान समाचार/अजिताभ/विभाकर-hindusthansamachar.in