बांध टूटने के बाद अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वे

बांध टूटने के बाद अधिकारियों ने बाढ़  प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वे
बांध टूटने के बाद अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वे

गोपालगंज,25 जुलाई (हि.स)। गंडक नदी में उफान व तीन स्थानों पर सारण तटबंध के टूटने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों का शनिवार को अधिकारियों की टीम ने एरियल सर्वे किया। सर्वे के दौरान बाढ़ प्रभावित इलाके की स्थिति की जानकारी अधिकारियों ने प्राप्त की। सर्वे के बाद जिलाधिकारी अरशद अजीज ने बताया कि नदी के पानी में फंसे इलाके के लोगों को सेना के हेलीकॉप्टर से फूड पैकेट उपलब्ध कराया जाएगा। प्रभावित इलाकों पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। इस बीच सभी प्रभावित इलाकों में लोगों को पका भोजन उपलब्ध कराने के लिए कम्यूनिटी किचन खोल दिया गया है।तटबंध टूटने के बाद बाढ़ के पानी में फंसे लोगों के बारे में जानकारी लेने के लिए शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित बिस्कोमान परिसर में एक हेलीकॉप्टर पहुंचा। इस हेलीकॉप्टर से जिलाधिकारी अरशद अजीज के अलावा मोतिहारी के डीएम शीर्षत कपिल अशोक व सिचाई विभाग के अभियंता संजय कुमार सहित चार अधिकारियों ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे किया। सर्वे के दौरान हेलीकॉप्टर ने जिले के प्रभावित इलाकों के साथ ही मोतिहारी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। सर्वेक्षण के बाद जिलाधिकारी ने बताया कि तटबंध टूटने के बाद नदी का पानी चार से पांच किलोमीटर के एरिया में ही फैला है। चंवर में गंडक नदी का पानी तेजी से फैला है। लेकिन तटबंध टूटने के बाद पानी की रफ्तार कम हो रही है। बाढ़ का पानी छपरा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में तीन स्थानों पर तटबंध टूटा है जबकि पूर्वी चंपारण जिले में एक स्थान पर तटबंध टूटा है। बाढ़ में फंसे लोगों को प्रशासनिक स्तर पर हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य भी तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी अरशद अजीज ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को दोनो वक्त का भोजन उपलब्ध कराने के लिए 75 स्थानों पर सामुदायिक भोजनालय खोले गए हैं जहां लोगों को दोनों वक्त का तैयार पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ और स्थानों पर भी कम्यूनिटी किचन खोले जाने की तैयारियां चल रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से प्रभावित हुए बरौली, मांझा व बैकुंठपुर प्रखंड में एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। इसके अलावा सरकारी व निजी नाव भी सभी संबंधित प्रखंड को उपलब्ध करायी गयी है। बरौली प्रखंड में एनडीआरएफ के आठ वोट को तैनात किये गये हैंं। इसी प्रकार बैकुंठपुर में एनडीआरएफ की दो व एसडीआरएफ की आठ वोट व मांझा प्रखंड में एनडीआरएफ की दो टीमों को तैनात किया गया है। तमाम टीमें बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने के अभियान में जुट गई हैं। हिन्दुस्थान समाचार/अखिला/विभाकर-hindusthansamachar.in

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