बहनें अपने हाथ से कैदी भाइयों को   नहीं बांध पाएंंगी राखी
बहनें अपने हाथ से कैदी भाइयों को नहीं बांध पाएंंगी राखी
बिहार

बहनें अपने हाथ से कैदी भाइयों को नहीं बांध पाएंंगी राखी

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बेगूसराय, 31 जुलाई (हि.स.)। भाई - बहन के असीम प्यार का पर्व रक्षाबंधन के मौके पर जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने का इंतजार कर रही बहनों को इस वर्ष यह मौका नहीं मिलेगा। कोरोना के कारण बेगूसराय जेल में बंद अपने भाइयों को बहन ने अपने हाथ से राखी नहीं बांध पाएंगी। बहनें जेल में राखी जमा करेंगी और वह राखी रक्षाबंधन के दिन जेल प्रशासन बांधने की व्यवस्था कर रहा है। इसके लिए जेल गेट पर शुक्रवार से राखी जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राखी के साथ अक्षत, चंदन, मिठाई या मिठाई का पैसा जमा करवाया जा रहा है, जो बहनें मिठाई का पैसा जमा करेगी, उन्हें रसीद दी जा रही है तथा रक्षाबंधन के दिन इस पैसे की मिठाई उनके भाई तक पहुंचा दी जाएगी। जमा की गयी राखी समेत अन्य सामान सैनिटाइज करने के बाद जेल के अंदर रक्षाबंधन के दिन भाइयों की सूनी कलाई तक पहुंचाई जाएगी। इससे पूर्व हर साल रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में बहनें जेल में बंद अपने भाई को राखी बांधने जेल आती थींं लेकिन इसबार कोरोना की वजह से ऐसा नहीं हो पाएगा। इस बार विकल्प के तौर पर बेगूसराय जेल प्रशासन के द्वारा बंदियों को घर से पहले ही राखी मंगवाने का विकल्प दिया गया है। कारा अधीक्षक बृजेश सिंह मेहता ने बताया कि कोरोना के कारण कैदियों से मुलाकात बंद है। इस बार पहले ही राखी जमा करने की व्यवस्था जेल के बाहर कराई गई है।तीन अगस्त को दोपहर 12 बजे तक राखी जेल के बाहर आकर जमा कराने की व्यवस्था की गई है। कोई भी महिला जेल में बंद अपने भाई को राखी भेजना चाहती है तो वह जेल के मुख्य गेट स्थित कोविड हेल्थ डेस्क पर आकर राखी जमा कर सकती हैं। मिठाई देने के लिए पैसा जमा करने पर प्राप्ति रसीद दी जा रही है। राखी के साथ अक्षत, चंदन आदि लिफाफे में डाल कर उसके ऊपर संबंधित कैदी का नाम-पता और दूसरी ओर अपना नाम, मोबाइल नंबर एवं पता लिखकर जमा करना होगा। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र/विभाकर-hindusthansamachar.in