पहले जान, फिर विधानसभा चुनावः भाकपा-माले
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बिहार

पहले जान, फिर विधानसभा चुनावः भाकपा-माले

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भाकपा-माले ने चुनाव आयोग को एक बार फिर से सौंपा ज्ञापन पटना, 31 जुलाई (हि.स.)। बिहार विधानसभा चुनाव के सम्बन्ध में भाकपा-माले राज्य कमिटी के सदस्य उमेश सिंह ने एक बार फिर से चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि आज पूरे बिहार की मांग हो गई है कि पहले जान फिर चुनाव। शुक्रवार को पार्टी के राज्य सचिव कॉमरेड कुणाल ने कहा कि बिहार में न केवल कोरोना का महाविस्फोट हो रहा है, बल्कि बाढ़ से भी करोड़ों लोगों का जीवन प्रभावित है। अभी सरकार को सारा काम छोड़कर लोगों की जिंदगी बचाने पर केंद्रित करना चाहिए, लेकिन सरकार तो वर्चुअल रैलियों में व्यस्त है। इससे स्थिति और भी घातक हो गई है। माले राज्य सचिव ने कहा कि हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग बिहार की जनता की आवाज सुनेगा। कल पहले जान फिर चुनाव ट्विटर हैशटैग से बिहार में सैंकड़ों लोगों ने ट्वीट किया और वह नम्बर एक पर रहा। यही बिहार की असली आवाज है। हमें पूरा अंदेशा है कि सत्ताधारी पार्टियां वर्चुअल तरीके से न केवल चुनाव को हड़प लेने की योजना बना रही हैं, बल्कि चुनाव के पूरे औचित्य को ही खत्म कर देने की साजिश रच रही हैं। भाकपा-माले का मानना है कि वर्चुअल प्रचार का तरीका भाजपा और सत्ताधारी पार्टियों के लिए ही मुफीद साबित होगा और आर्थिक रूप से कमजोर दल अपनी बात आंशिक रूप से ही जनता तक पहुंचा पाएंगे। ऐसी स्थिति में चुनाव की पूरी प्रक्रिया एकांगी होगी, जो जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की वास्तविक अभिव्यक्ति नहीं होगी। इसलिए भाकपा-माले चुनाव आयोग से यह जानना चाहेगी कि वह जनता के बड़े हिस्से को चुनाव प्रक्रिया में कैसे शामिल करेगा और सभी दलों को समान अवसर कैसे प्रदान करेगा। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/विभाकर-hindusthansamachar.in