पटना में  उड़ रहीं  लॉकडाउन की धज्जियां
पटना में उड़ रहीं लॉकडाउन की धज्जियां
बिहार

पटना में उड़ रहीं लॉकडाउन की धज्जियां

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लॉक डाउन का उल्लंघन करने के आरोप में पांच गिरफ्तार बिना मास्क लगाए घूमने वालों से एक दिन में वसूले 3.36 लाख रुपये पटना, 17 जुलाई (हि.स.) । बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है बावजूद इसके राजधानी पटना में लगता हि नहीं कि कहीं लॉक डाउन है। लॉकडाउन के बावजूद लोग इसकी सख्तियों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। राज्य के सिदूर जिलों की बात छोड़िये , राजधानी पटना में भी लोग लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने की जरुरत नहीं महसूस कर रहे हैं। बेली रोड पर तो सचिवालय के सामने भी पुलिस की कोई सख्ती नहीं नजर आ रही। गाड़ियाँ आम दिनों की तरह चलती नजर आ रही हैं और ऑटो पर ठूंस-ठूंस कर यात्री बैठाये जा रहे हैं । सचिवालय के सामने चाय और फलों के जूस बेचने वालों की दुकानें खुलेआम चलायी जा रही हैं । कहीं -कहीं पुलिस सड़क पर बिना मास्क के सड़कों पर निकलने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है मगर वह महज दिखावे के लिए । पुनाईचक, फ्रेजर रोड , बोरिंग रोड , शास्त्रीनगर इलाके में कहीं पुलिस की कोई सख्ती नहीं नजर आती। हालत यह है कि लोग अब कहने लगे हैं कि इस तरह के लॉक डाउन का कोई मतलब नहीं और इस तरह तो कोरोना को बढ़ने से कत्तई रोका नहीं जा सकता । विगत एक जुलाई से राज्य को फिर से लॉकडाउन किये जाने के बाद बिहार पुलिस ने नियमों का पालन नहीं करने पर पांच लोगों को गिरफ्तार के जेल भेजा है। साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों में ऐसी कुल आठ प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जितेन्द्र कुमार ने बताया कि पिछले 17 दिनों में राज्य भर से कुल 11,505 वाहनों को जब्त कर लिया गया है। साथ ही इस दौरान राज्य भर से कुल दो करोड़, 93 लाख, 75 हजार, 615 रुपये बतौर जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने बताया कि बिना मास्क के सड़क पर निकलेने वालों पर पुलिस की विशेष नजर है। शुक्रवार को भी राज्य भर में कुल 6,733 लोगों को बिना मास्क लगाए सड़क पर निकलने पर तीन लाख, 36 हजार, 650 रुपये का अर्थदंड भी वसूला गया है। उन्होंने बताया कि बिना मास्क लगाए घूमने वालों से विगत 5 जुलाई के बाद से अबतक कुल 21 लाख, 99 हजार, 950 रुपये की वसूली हो चुकी है। पुलिस की इस सक्रियता के बावजूद राज्य भर से लॉक डाउन के उल्लंघन की खबरें लगातार आ रही हैं। राजधानी पटना की सड़कों पर तो ऑटो रिक्शा और बैट्री वाले रिक्शा का परिचालन भी दिखने लगा है। फल और सब्जी की मंडियों में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। हालाँकि जिला प्रशासन की टीम ने शिकायत मिलने पर मीठापुर समेत कई अन्य मंडियों को बंद कर दिया है। लोग फिर भी मानने को तैयार नहीं हैं। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव रंजन/विभाकर-hindusthansamachar.in