नहीं रुकेंंगी पंचायतों की विकास योजनाएं,अस्थाई उप मुखिया नियुक्ति की नवीन प्रावधान
नहीं रुकेंंगी पंचायतों की विकास योजनाएं,अस्थाई उप मुखिया नियुक्ति की नवीन प्रावधान
बिहार

नहीं रुकेंंगी पंचायतों की विकास योजनाएं,अस्थाई उप मुखिया नियुक्ति की नवीन प्रावधान

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मधुबनी ,16 सितम्बर (हि.स.)।पंचायतों की विकास योजनाओं को गति देने के लिए विशेष पहल शुरू की गई है। खासकर वैसी पंचायत जहां मुखिया व उप मुखिया दोनोंं नहीं हैंं। नवीनतम पंचायती राज अधिनियम के तहत अब किसी भी पंचायत में मुखिया के नहीं रहने व उप मुखिया के किसी कार्य से बाहर रहने की स्थिति यदि है और वैसी पंंचायत में कोई विकास कार्य रुका है तो इस तरह की परिस्थिति में पंचायत का काम अब नहीं रोका जा सकता है। मधुबनी के डीएम, डीडीसी और पंचायत राज पदाधिकारी को राज्य सरकार से मिले पत्र के अनुसार राज्य सरकार ने अब विशेष परिस्थिति में अस्थाई उप मुखिया का निर्वाचन कराने का निर्णय लिया है। अस्थाई उप मुखिया का निर्वाचन कराया जाएगा ।मुखिया का पद किसी कारण से खाली हो गया है। नियमित उप मुखिया किसी अपराधिक मामले में जेल में हो या किसी अन्य कारण से अपने कर्तव्य पर उपस्थित नहीं हो रहे हैैं तो विधि विभाग से परामर्श के बाद राज्य सरकार ने विशेष स्थिति में वहां अस्थाई उप मुखिया का चुनाव कराने का निर्णय लिया है। परन्तु मुखिया या उप मुखिया जैसे ही अपने कर्तव्य पर वापस लौटते हैं तो उस अस्थाई उप मुखिया का कर्तव्य समाप्त हो जाएगा। पहले के प्रावधान के मुताबिक बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 की धारा 15 (4) मेें प्रावधान है कि किसी भी ग्राम पंचायत में मुखिया या उप मुखिया केे दोनों पद रिक्त हो जाने की स्थिति में संबंधित पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी अपनी अध्यक्षता में ग्राम पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाकर उनमें से एक ग्राम पंचायत सदस्य को उप मुखिया के रूप में निर्वाचित कर लेगा। इस प्रकार निर्वाचित उप मुखिया धारा 17(2)ख के प्रावधान के अधीन मुखिया का नियमित रूप से चुनाव होने तक उप मुखिया ही कार्यों का संपादन करेगा । इधर विधि विभाग से राज्य सरकार को परामर्श के बाद ग्राम पंचायत के मुखिया का पद किसी कारण से रिक्त हो गया हो और उप मुखिया भी किसी अपराधिक मामलों में फंसे होंं , तो ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए बीडियो को ग्राम पंचायत के सदस्यों के बीच से एक के सदस्य को निर्वाचित कर अस्थाई उप मुखिया रूप से कार्य लेने के लिए अधिकृत करने की अध्यादेश जारी किया गया है। इस बीच विभाग से परामर्श के बाद पंचायती राज अधिनियम की धारा 172 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि उप मुखिया का पद रिक्त रहने और किसी कारणवश निर्वाचित उप मुखिया के नहींं रहने पर ऐसी व्यवस्था करनी है। ग्राम पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाकर अस्थाई मुखिया का निर्वाचन कराया जा सकता है।अस्थाई उप मुखिया का अधिकार नियमित उप मुखिया के कर्तव्य पर वापस आते ही स्वयं समाप्त हो जाएगा। राज्य सरकार के इस निर्णय से पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्रशेखर ने यहां के डीएम ,डीडीसी एवं जिला पंचायत राज पदाधिकारी को पत्र भेजकर अवगत करा दिया है। हिन्दुस्तान समाचार/लंबोदर /विभाकर-hindusthansamachar.in